झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार बड़ा फैसला ले सकती है. सूत्रों के मुताबिक सरकार 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करने पर विचार कर रही है. इसके साथ ही कई अन्य प्रक्रियाधीन परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना है.
सूत्रों के अनुसार CID और CBI जांच की जगह न्यायिक जांच कराने को लेकर भी सरकार के स्तर पर सहमति बनाने की कोशिश हो सकती है. इसके अलावा छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी मांगों को भी सरकार मान सकती है.
यह खबर छात्र आंदोलन के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है. झारखंड में छात्रों का आंदोलन आज 16वें दिन भी जारी है. छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI और ED से जांच, 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करना और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार शामिल हैं.
5 अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत कर चुकी है सरकार
छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पिछले दो दिनों में 5 अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत कर चुकी है. इनमें JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच, JPSC-JSSC न्याय मंच, NSUI, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी हॉस्टल के प्रतिनिधि शामिल हैं.
आइसा ने बनाया अपना अलग मंच
बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और जेपीएससी-जेएसएससी कैंडिडेट्स फोरम 25 जुलाई से ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्यों ने शनिवार (8 जुलाई) को अपना अलग मंच बनाया. इस दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा स्टेडियम में कुछ देर के लिए विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुईं और 14वीं जेपीएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करते हुए नारे लगाए.
विधानसभा घेराव की चेतावनी
वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे.
