बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीएम और डिप्टी सीएम पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि जब मुकेश सहनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे, तो डिप्टी सीएम बनने का सवाल ही नहीं उठता. निशिकांत दुबे ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इसी कारण मंत्री पद से हटाया गया था.
महागठबंधन में बढ़ी सियासी गर्मी
बिहार में महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को सीएम और मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम फेस घोषित करने के बाद विपक्ष ने इसे “राजनीतिक स्टंट” बताया है. निशिकांत दुबे ने कहा कि जब सहनी अब अपने विधायकों के नेता भी नहीं हैं, तो इस बात की क्या गारंटी है कि वे चुनाव के बाद किसी दूसरी पार्टी में नहीं चले जाएंगे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “इलेक्शन होने दीजिए, मुकेश सहनी की पूरी पार्टी अंततः आरजेडी में विलय हो जाएगी.”
तेजस्वी को दिया गया लॉलीपॉप- निशिकांत दुबे
निशिकांत दुबे ने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. पीटीआई को दिए बयान में उन्होंने कहा कि तेजस्वी का नाम सीएम फेस घोषित करना दरअसल उन्हें “लॉलीपॉप” देना है, क्योंकि नतीजों की कोई स्योरिटी नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुद महागठबंधन के भीतर एक-दूसरे पर भरोसा नहीं है, तो जनता उन पर कैसे भरोसा करे? दुबे ने कहा कि तेजस्वी यादव का सपना डिप्टी सीएम नहीं, बल्कि सीएम बनने का है, ऐसे में वह किसी और को बड़ा पद कैसे लेने देंगे.
ओवैसी और आरजेडी पर भी हमला
बीजेपी सांसद ने बयान में असदुद्दीन ओवैसी और आरजेडी पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि “हमारे खिलाफ सबसे ज्यादा ओवैसी बोलते हैं, लेकिन उनके 5 में से 4 विधायक किसने तोड़े? आरजेडी ने.” दुबे ने इसे बिहार की विपक्षी राजनीति का “डबल गेम” बताते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और चुनाव में इसका जवाब जरूर देगी.
