झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब बड़ा हो गया है. सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उनपर हुई पुलिस बर्बरता के बाद राज्य का सियासी पारा हाई हो गया है. अब सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. 

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दरअसल, छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले देवेंद्र महतो का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं, इसलिए प्रदर्शन जारी रहेगा. इसपर महुआ माजी का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो कोई छात्र नहीं हैं. वो दो बार चुनाव लड़ चुके हैं. एक राजनीतिक दल के वरीय पदाधिकारी हैं. वह अपने आप को छात्र दिखा रहे हैं और असल छात्रों को बहकाया जा रहा है. इस आंदोलन में पॉलिटिकल पार्टी के लोग हैं, इसमें बीजेपी भी शामिल है.

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जब महुआ माजी से देवेंद्र नाथ महतो के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "वह जेल केम नामक लोकल पार्टी के पदाधिकारी भी हैं और 2 बार चुनाव लड़ चुके हैं. वह असल में छात्र हैं ही नहीं. वह छात्रों के मुद्दे को भटका रहे हैं. वह  चाहते हैं कि सरकार के खिलाफ वहां पर एक माहौल बने. इसमें बीजेपी भी शामिल हो गई है. बीजेपी के नेता घंटों छात्रों के साथ बैठकर उनको पीछे से मजबूर कर रहे हैं."

'हेमंत सोरेन के कहने पर ही पुलिस ने प्रयोग नहीं किया बल'

जेएमएम सांसद ने सवाल किया कि जब वार्ता में हेमंत सरकार द्वारा 98 फीसदी मांगें मान लीं और सरकार पूरी तरह से छात्रों के साथ संवेदनशील है, तो आंदोलन उग्र क्यों हो रहा है? महुआ माजी ने कहा, "कल प्रोटेस्टर्स ने 8-8 बैरिकेड तोड़े थे. मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई भी बल प्रयोग न हो. पुलिस भी संयम बरत रही थी. 8 बैरिकेड तोड़ने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं कहा. हालांकि, जब विधानसभा के अंदर जाने की कोशिश की गई, तब हल्का बल प्रयोग किया गया. यह भी दुखद है. मुख्यमंत्री को भी इसका खेद है."

राहुल गांधी पर लगे आरोपों पर बोलीं महुआ माजी

बीजेपी बार बार सवाल उठा रही है कि रांची के प्रोटेस्ट में राहुल गांधी क्यों नहीं जा रहे? इसके जवाब में महुआ माजी ने कहा, "राहुल गांधी के मंत्री, जो राज्य सरकार में हैं, आरजेडी और जेएमएम के मंत्री भी छात्रों से वार्ता में हैं. आप कैसे कह सकते हैं कि कांग्रेस उनके पास नहीं जा रही? राहुल गांधी ने खुद प्रतिक्रिया भी दी है कि वह छात्रों के साथ हैं. हेमंत सोरेन भी छात्रों के साथ हैं. अगर नहीं होते तो 8 बैरिकेड तोड़ने नहीं दिए जाते. दिल्ली में तो छात्रों ने पहला बैरिकेड ही छुआ तो उनपर लाठियां बरसा दी गईं पैलेट गन चलाई गई थी."

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