झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. बड़ी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी सरकार से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो.

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प्रदर्शनकारी महिला ने सरकार से की बातचीत की अपील

प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "झारखंड की ही ऐसी धरती है, जहां बच्चे इतने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. आप देख रहे होंगे कि यहां पर कितना शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हो रहा है. बाकी जगहों में या देश के अन्य हिस्सों में आपने प्रदर्शन का स्वरूप देखा होगा. लेकिन झारखंड की मिट्टी ऐसी है कि यहां के लोग अभी भी सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वह छात्रों की बात सुने. लोकतंत्र में संवाद करना, डायलॉग करना, एक अच्छे लोकतंत्र की पहचान है. इसलिए हम अभी भी सरकार से नम्र निवेदन करते हैं कि सरकार हमारे पास आए, हमसे बात करे."

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जवाबदेही तय करने की मांग

महिला प्रदर्शनकारी ने आगे कहा, "जेपीएससी हो, जेएसएससी हो, टीडीएल जो ब्लैकलिस्टेड कंपनी है, पूर्व में कराई गई जितनी भी परीक्षाएं हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए. जिस कार्यकाल में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उसके लिए संबंधित लोगों को जवाबदेह होना पड़ेगा. सिस्टम में पारदर्शिता आनी चाहिए."

महिला प्रदर्शनकारी ने झारखंड की संस्कृति और शांतिपूर्ण आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, "आप देखिए कि झारखंड की कितनी अच्छी धरती है, कितने अच्छे लोग हैं, जो शांतिपूर्ण धरना कर रहे हैं. यह जंतर-मंतर का स्वरूप नहीं है. यह झारखंड का स्वरूप है. अबुआ लोगों का स्वरूप है. आप देख रहे होंगे. जय जोहार!"

छात्रों का प्रदर्शन फिलहाल जारी है. प्रदर्शनकारी सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.

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