झारखंड में इन दिनों राजनीतिक पारा चढ़ हुआ है. कयास ये लगाए जा रहे है कि आने वाले समय में झारखंड के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और झारखंड मुक्ति मोर्चा और बीजेपी मिलकर सरकार बना सकती है. हालांकि ये सिर्फ दावा किया जा रहा है.
ऐसे में झारखंड के राजनीतिक समीकरण को लेकर फुसफुसाहट सुनने को मिल रही है. आपको बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह-विधायक कल्पना सोरेन की दिल्ली यात्रा पर कयास लगाए जा रहे है कि बीजेपी के नेताओं से वे वहां मिलेगे. इसमें आगे की राजनीति पर चर्चा होगी.
आगामी चुनाव को लेकर लग रही हैं अटकलें
ऐसे में कहा जा रहा है कि आगामी चुनाव में कही झारखंड मुक्ति मोर्चा और बीजेपी में साठ-गांठ न हो जाए और कहीं इनकी सरकार झारखंड में न बन जाए. इन्हीं सभी सवालों को लेकर एबीपी न्यूज ने कांग्रेस और बीजेपी से बात की. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने बताया कि जो लोग ऐसा सोच रहे उनके दिमागी सोच में गड़बड़ है. आज बीजेपी के पास कोई काम नहीं बचा है.
उन्होंने कहा जानबूझ कर ऐसी अफवाहें उड़ाई जा रही है. उनके पास क्या आधिकारिक सबूत है कि सरकार बदलेगी या गिर जाएगी. बीजेपी ध्यान दे कि उनके भी कई विधायक हमारे संपर्क में है. उन्होंने कहा ऐसी कोई बात नहीं है सरकार स्थिर है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी.
बीजेपी ने अटकलों को बताया निराधार
वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी इन अटकलों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि अगर कोई ऐसा सोच रहा है कि आगे चल कर बीजेपी और जेएमएम साथ सरकार बनाएंगे तो ये नहीं हो सकता. क्योंकि हम वो समुद्र के किनारे है, जो कभी साथ नहीं हो सकते. हम उनके विचारों का विरोध करते है और वो हमारा. उनके ऊपर कई आरोप है. ऐसे में वो दिल्ली क्यों गए है, ये खुद हेमंत ही बता सकते है.