झारखंड की सरकार में भारी उलट-पलट के कयासों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेता का बड़ा बयान आया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के गठबंधन टूटने की अटकलों पर विराम लगाते हुए झामुमो नेता मनोज पांडेय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. 

Continues below advertisement

मनोज पांडेय का कहना है कि हेमंत सोरेन की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. गठबंधन टूटने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होगा. गठबंधन टूटेगा भी क्यों? 

दिल्ली क्यों गए थे हेमंत सोरेन?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली जाने के बाद चल रहे सियासी अटकलों पर भी JMM नेता मनोज पांडेय ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि हेमंत सोरेन निजी कारणों से दिल्ली गए थे. झारखंड को लेकर बेवजह की अटकलें लगाई जा रही हैं. झारखंड सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. 

Continues below advertisement

दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पत्नी कल्पना के दिल्ली दौरे को लेकर कयास लगने लगे थे कि JMM प्रमुख वहां बीजेपी आलाकमान से मिलने गए हैं. आगामी चुनाव में झामुमो और बीजेपी की सांठ-गांठ पर चर्चा की अटकलें लगने लगीं. 

क्या रही कांग्रेस की प्रतिक्रिया?

जब इस मामले में कांग्रेस नेता से सवाल किया गया तो प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने इन कयासों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि झामुमो और भाजपा का गठबंधन हो सकता है, उनकी सोच में ही गड़बड़ी है. 

बीजेपी पर आरोप लगाते हुए राकेश सिन्हा ने यह भी दावा किया कि ये सारी अफवाहें भाजपा द्वारा ही फैलाई जा रही हैं ताकि झारखंड में विधायकों का मनोबल तोड़ सकें. उनके पास इसको लेकर कोई आधिकारिक सबूत नहीं है. वहीं, कांग्रेस नेता ने दावा किया कि झारखंड में इंडिया अलायंस मजबूत है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस के मंत्री झारखंड के विकास के लिए काम करते रहेंगे.

BJP ने भी अटकलों को नकारा

केवल जेएमएम या कांग्रेस ही नहीं, बल्कि बीजेपी खुद ऐसे कयासों को निराधार बता रही है कि हेमंत सोरेन और बीजेपी का गठबंधन हो सकता है. बीजेपी नेता का कहना है कि झामुमो और भाजपा समुद्र के दो किनारे हैं, कभी साथ नहीं आ सकते. हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा बीजेपी नेताओं से मुलाकात के लिए नहीं था. वे दिल्ली क्यों गए, वही बता सकते हैं.