झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद शिक्षा विभाग किसे मिलेगा. इस सबसे बड़े सवाल का जवाब मिल गया है. दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार अपने पास रखा है.  

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद लिया है. रामदास सोरेन का 15 अगस्त को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था.

औपचारिक अधिसूचना जारी

कैबिनेट सचिवालय और सतर्कता (समन्वय) विभाग ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें कहा गया है, "कैबिनेट सचिवालय और सतर्कता (समन्वय) विभाग की छह दिसंबर, 2024 की अधिसूचना में आंशिक संशोधन किया गया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पहले से सौंपे गए विभागों के अलावा स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग आवंटित किया गया है."

दिल्ली में हुआ था निधन

रामदास सोरेन का अंतिम संस्कार शनिवार को जमशेदपुर में हजारों समर्थकों की उपस्थिति में किया गया. रामदास सोरेन अपने आवास के बाथरूम में गिरने की वजह से घायल हो गए थे और उन्हें दो अगस्त को इलाज के लिए जमशेदपुर से हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाया गया था. उनका दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया.

राज्य के शैक्षणिक विकास में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए

झामुमो के वरिष्ठ नेता और घाटशिला के विधायक रहे रामदास सोरेन ने शिक्षा मंत्री के रूप में राज्य के शैक्षणिक विकास में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. झारखंड आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही. जनता उन्हें सुलभ और संघर्षशील नेता के रूप में याद करती है.