झारखंड के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में ‘म्यूजिकल चेयर का खेल’ खेलने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यहां संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति का भविष्य सुरक्षित नहीं है.

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राजीव रंजन के करीबी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने दिन में अपना इस्तीफा मुख्य सचिव को भेज दिया था. हालांकि, इस घटनाक्रम की पुष्टि के लिए किए गए फोन कॉल का महाधिवक्ता ने कोई जवाब नहीं दिया. सरकार ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है. रंजन साल 2020 से महाधिवक्ता के रूप में सेवा दे रहे हैं, जब झामुमो के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में आया था.

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बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता ने सरकार पर बोला हमला

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने एक बयान में कहा, "सरकार भले ही यह छिपाने की कोशिश करे कि राजीव रंजन ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है या उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन राज्य की जनता इस पूरे घटनाक्रम को अच्छे से समझ रही है."

रंजन के पूरे कार्यकाल पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए शाह ने कहा, "सरकार को यह साफ करना चाहिए कि अगर महाधिवक्ता का कार्यकाल संतोषजनक था तो उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया और अगर संतोषजनक नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया."

रोहितश्य रॉय बने नए महाधिवक्ता

झारखंड सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है. इसकी अधिसूचना रविवार (14 जून) देर शाम जारी की गई है. इसके पहले रविवार सुबह पिछले छह साल से महाधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे राजीव रंजन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपना इस्तीफा भेजा था.

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विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल ने महाधिवक्ता पद से राजीव रंजन द्वारा 14 जून को सौंपे गए त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. 

इसके साथ ही झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक झारखंड का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है. रोहितश्य रॉय झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से संवैधानिक, दीवानी तथा सेवा संबंधी मामलों की पैरवी करते रहे हैं. हाईकोर्ट में रिट याचिकाओं, सिविल विवादों, अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं से जुड़े मामलों में उनकी विशेष पहचान रही है. 

महाधिवक्ता का क्या काम होता है?

महाधिवक्ता राज्य सरकार के सर्वोच्च विधिक सलाहकार होते हैं. वे उच्च न्यायालय समेत विभिन्न न्यायिक मंचों पर राज्य सरकार का पक्ष रखते हैं और महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में सरकार को सलाह देते हैं. राज्य की नीतियों, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मुद्दों से जुड़े मामलों में भी उनकी भूमिका अहम होती है.

राज्य के शीर्ष विधिक पद पर हुए इस बदलाव को प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, राजीव रंजन के इस्तीफे के कारणों को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

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