गोवा के एक नाइट क्लब में हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के तीन प्रवासी मजदूरों के शव आज सुबह रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे. गमगीन माहौल में एयरपोर्ट पर शवों को उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. मरने वालों में दो भाई समेत खूंटी जिले का एक मजदूर शामिल है.
हादसे में जान गंवाने वाले तीन मजदूर का नाम है प्रदीप महतो (भाई) और विनोद महतो (भाई): ये दोनों रांची जिले के लापुंग स्थित फतेहपुर गांव के रहने वाले थे. मोहित मुंडा, ये खूंटी जिले के कर्रा ब्लॉक के गोविंदपुर गांव के निवासी थे. ये मजदूर रोजगार की तलाश में गोवा गए थे, जहां एक नाइट क्लब में हुए हादसे ने इनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया. घटना पर संज्ञान लेते हुए, झारखंड सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.
चार-चार लाख रुपये का मिलेगा मुआवजा
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में आपदा में मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाता है, लेकिन झारखंड के बाहर हुई घटनाओं के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विशेष आदेश पर, हमने गोवा हादसे में मारे गए इन मजदूरों के परिजनों को भी चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने का फैसला किया है."
राज्य में सुरक्षा के कड़े निर्देश
मंत्री इरफान अंसारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस तरह की दुर्घटनाएँ झारखंड में न हों.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सभी रेस्टोरेंट की जांच की जा रही है और उच्चित आदेश जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रूफ टॉप (छत पर) चलाए जा रहे रेस्टोरेंटों पर जल्द ही प्रतिबंध लगाया जाएगा. साथ ही, उन रेस्टोरेंटों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो तीन फ्लोर से ज़्यादा पर चलाए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो.