Giridih News: गिरिडीह सदर अस्पताल में ब्लड मिलने में 2 घंटे की देरी से महिला की मौत, लैब टेक्नीशियन पर एक्शन
Giridih News In Hindi: गिरिडीह सदर अस्पताल में ब्लड बैंक की घोर लापरवाही सामने आई है. खून मिलने में हुई 2 घंटे की देरी के कारण महिला मरीज की मौत हो गई. आरोपी लैब टेक्नीशियन पर एक्शन शुरू.

झारखंड के गिरिडीह स्थित सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. अस्पताल के ब्लड बैंक से समय पर खून न मिलने के कारण एक 50 वर्षीय महिला मरीज की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ है.
मृतका की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महेशपुर फुलची गांव निवासी मीना देवी (50 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों के भारी आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है.
खून की कमी से थीं भर्ती
मृतका के पति धीरेन राय ने बताया कि उनकी पत्नी मीना देवी के शरीर में खून की भारी कमी थी, जिसके चलते उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. खून की जरूरत को पूरा करने के लिए परिजनों ने खुद ही रक्तदान करके ब्लड बैंक में खून जमा करवा दिया था.
पति का आरोप है कि जब वे ब्लड बैंक से खून लेने पहुंचे, तो वहां के कर्मचारियों ने पहले मरीज का सैंपल मांगा. सैंपल देने के बावजूद 'ब्लड मैचिंग' और 'प्रोसेसिंग' का बहाना बनाकर परिजनों को करीब 2 घंटे तक इंतजार कराया गया. परिजन लगातार मरीज की गंभीर हालत का हवाला देकर जल्द ब्लड देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजा और समय पर खून न चढ़ने से महिला ने दम तोड़ दिया.
हंगामे के बाद पहुंची पुलिस
महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया और घटना की जांच शुरू की.
CS का एक्शन: लैब टेक्नीशियन की होगी छुट्टी
घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन (CS) डॉ. बच्चा सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत ब्लड बैंक इंचार्ज से जवाब तलब किया. सिविल सर्जन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लैब टेक्नीशियन की घोर लापरवाही सामने आई है. जांच में यह बात सच पाई गई है कि ब्लड मैचिंग की प्रक्रिया में करीब 2 घंटे की अनुचित देरी हुई, जिसके कारण मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो सका.
डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित लैब टेक्नीशियन की सेवा समाप्त (Terminate) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ इस तरह की जानलेवा घटना की पुनरावृत्ति न हो.
























