झारखंड के धनबाद शहर के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) से नवजात बच्चे की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने बच्चे की चाहत में दो दिन के नवजात की चोरी कराने और उसे तीन लाख रुपये में खरीदने का सौदा कर डाला. पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद किया. फिलहाल महिला और उसके पति को इस बड़ी भूल की कीमत जेल जाकर चुकानी पड़ी.
धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएनएमएमसीएच से एक नवजात बच्चे की चोरी और तीन लाख रुपए में हुए सौदे का धनबाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया है. नवजात बच्चा चोरी के मामले में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए चोरी हुए नवजात (लड़का) को सकुशल बरामद कर लिया है और उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है.
सिटी एसपी ने किया बच्चा चोरी के मामले का खुलासा
धनबाद सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने सरायढेला थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में नवजात चोरी कांड का खुलासा किया. मौके पर डीएसपी नौशाद आलम और सरायढेला थाना प्रभारी मनजीत कुमार भी मौजूद थे.
सिटी एसपी ने बताया कि यह मामला एसएनएमएमसीएच अस्पताल के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग, वार्ड नंबर C/II से जुड़ा है. पीड़िता सरिता देवी, पति शालीग्राम मरांडी, ग्राम भेलवे (थाना मनियाडिह) की निवासी हैं, जिनके नवजात बच्चे का जन्म गुरुवार (25 दिसंबर 2025) को हुआ था.
पुलिस जांच में सामने आई यह जानकारी
27 दिसंबर की रात अस्पताल से नवजात की चोरी हुई. मामले में रविवार (28 दिसंबर) को सरायढेला थाना कांड संख्या 267/2025 दर्ज किया गया. पुलिस जांच में सामने आया कि अभिलाषा सिंह को बच्चा चाहिए था. इसी आवश्यकता के चलते उसने अपने पति कौशल कुमार सिंह के साथ मिलकर नवजात की खरीद-फरोख्त की साजिश रची.
इस दौरान इश्तियाक अंसारी और हसिमुद्दीन अंसारी के माध्यम से तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ. सौदे के तहत 80 हजार रुपये फोनपे (PhonePe) के माध्यम से और 70 हजार रुपये का चेक दिया गया था. वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया.
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों इश्तियाक अंसारी, हसिमुद्दीन अंसारी, कौशल कुमार सिंह और अभिलाषा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही 29 दिसंबर 2025 को चोरी किया गया नवजात बच्चा भी सकुशल बरामद कर लिया गया.