झारखंड सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए राज्य के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में विजन 2050 के तहत राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के दौरान दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठक हुई. इस बैठक में AI आधारित सुशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड केवल प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नई तकनीकों को अपनाने और AI आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उनका कहना था कि झारखंड अपनी पारंपरिक ज्ञान-सम्पदा और स्थानीय प्रतिभा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर विकास का एक नया मॉडल तैयार करेगा.

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गूगलने दिया AI ट्रेनिंग और हेल्थकेयर का प्रस्ताव

बैठक में गूगल के प्रतिनिधियों ने राज्य में AI आधारित गवर्नेंस, स्मार्ट हेल्थकेयर, आपातकालीन सेवाओं और भाषा आधारित AI समाधान विकसित करने का प्रस्ताव रखा. कंपनी ने झारखंड के 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों को तीन महीने का AI प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन देने की पेशकश की.

इसके अलावा राज्य सरकार और गूगल के बीच स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर करने का सुझाव भी दिया गया. AI आधारित एम्बुलेंस मैनेजमेंट और एकीकृत हेल्थ प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी चर्चा हुई.

माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल ने डिजिटल सिस्टम मजबूत करने पर दिया जोर

माइक्रोसॉफ्टके अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सभी सरकारी विभागों के डेटा को एक मंच पर लाने के लिए AI संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित करने पर चर्चा हुई. इससे सरकारी फैसले अधिक सटीक और तेज हो सकेंगे. साथ ही सरकारी सेवाओं को तेजी से डिजिटल बनाने के लिए लो-कोड प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी विचार किया गया.

वहीं ओरेकल ने AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में साझेदारी की इच्छा जताई. कंपनी ने युवाओं को उद्योग की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षण, प्रमाणन और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रस्ताव रखा.

आईबीएम और AWS ने दिए AI आधारित समाधान

आईबीएम ने खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए AI आधारित समाधान पेश किए. कंपनी ने राज्य की जरूरतों के मुताबिक नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट तैयार करने की भी पेशकश की. इसमें स्मार्ट डेटा एनालिटिक्स, खनन निगरानी और सुरक्षित डेटा शेयरिंग जैसी तकनीकों को शामिल करने की बात कही गई.

AWS ने सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, AI आधारित डेटा इंटीग्रेशन, डिजिटल गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, शिक्षा और केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड विकसित करने पर सहयोग का प्रस्ताव रखा. कंपनी ने AI आधारित सुशासन के लिए मुफ्त PoC उपलब्ध कराने की भी बात कही.

पारदर्शी और तेज सरकारी सेवाओं पर रहेगा फोकस

बैठक में अन्य तकनीकी कंपनियों के साथ भी AI आधारित एनालिटिक्स, हाइब्रिड क्लाउड, साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंट डेटा प्लेटफॉर्म पर चर्चा हुई. इन तकनीकों के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, लीकेज कम करने और लोगों तक सेवाएं तेज़ी से पहुंचाने पर जोर दिया गया. साथ ही सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी.

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों के सुझावों पर विस्तार से चर्चा की. सभी कंपनियों ने झारखंड के साथ लंबे समय तक काम करने और निवेश बढ़ाने में रुचि दिखाई.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड को AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है. सरकार का मानना है कि तकनीक का सही इस्तेमाल करके प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता है.

विजन 2050 के तहत हुई यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में झारखंड डिजिटल गवर्नेंस, निवेश और तकनीकी नवाचार का बड़ा केंद्र बन सकता है.