जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने शनिवार (9 अगस्त) को श्रीनगर में भूख हड़ताल शुरू की. उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की. यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के 'हमारी रियासत, हमारा हक' अभियान का हिस्सा है. इसकी शुरुआत एम ए रोड स्थित जेकेपीसीसी मुख्यालय से हुई.

एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर और कई कांग्रेस विधायक भी कर्रा के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को जम्मू में भी ऐसी ही भूख हड़ताल होगी.

'सरकार को जगाने के लिए किया है संघर्ष शुरू'

यह आंदोलन 5 अगस्त 2019 के फैसले को पलटने की मांग कर रहा है. उस दिन अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया गया था. पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. कर्रा ने कहा कि पार्टी ने "दिल्ली की अंधी, बहरी और गूंगी सरकार को जगाने के लिए संघर्ष शुरू किया है.

'पार्टी जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में करेगीछह भूख हड़ताल'

उन्होंने बताया कि उन्होंने यह दिन 'भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत के लिए चुना. 9 से 21 अगस्त तक, पार्टी जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में छह भूख हड़ताल करेगी. कर्रा ने जोर देकर कहा कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर के 1.40 करोड़ नागरिकों की इच्छाओं के लिए है. उन्होंने कहा कि संसद सत्र चल रहा है. पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में प्रगति की प्रतीक्षा करेगी. उन्होंने कहा, "अगर कोई प्रगति नहीं होती है, तो 21 अगस्त को नया कार्यक्रम घोषित किया जाएगा."