लेह: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में रहने वाले शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का कहना है कि प्रशासन उनकी आवाज दबाना चाहती है. वांगचुक लद्दाख के पर्यावरण और संस्कृति को बचाने के लिए पांच दिन का उपवास कर रहे हैं. जब लद्दाख का तापमान माइनस में हैं, वैसे में वो खुले आसमान के नीचे सो रहे हैं. रविवार को उनके उपवास का चौथा दिन है. पांचवें और अंतिम दिन उन्होंने लोगों से अपने इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा है कि रोकथाम के उपायों के बिना लद्दाख ने अस्थिर उद्योग, पर्यटन और वाणिज्य लद्दाख में पनपते रहेंगे और आखिरकार इस क्षेत्र को खत्म कर देंगे.वांगचुक का कहना है कि यदि ग्लेशियरों की ठीक से देखभाल नहीं की गई तो लेह-लद्दाख के दो-तिहाई ग्लेशियर खत्म हो जाएंगे.
लोगों ले क्या अपील की है
वांगचुक ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''लद्दाख को, यहां के पहाड़, ग्लेशियर लोगों और संस्कृति को संविधान के अनुच्छेद244 के छठें अनुसूचि के तहत संरक्षण देने के लिए. मेरे पास भारत और भारत से बाहर के देशों से बहुत से लोगों के फोन आ रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि वो इस आंदोलन में कैसे शामिल हो सकते हैं. ऐसे लोग 30 जनवरी को मेरे अनशन के अंतिम दिन जुड़ सकते हैं. इसमें लद्दाख के लोग भी जुड़ेंगे.''
वांगचुक ने अपने वीडियो संदेश में कहा है, '' आप अपने-अपने शहरों, अपने-अपने घरों से, सामुदायिक स्थलों से, मंदिर से , मस्जिदों से और चर्चों से, गुरुद्वारों से इस उपवास में शामिल हो सकते हैं, ताकि हम अपने पहाड़ों, अपने ग्लेशियरों को संजो सकें, आपके शहर को , आपके जंगलों और आपके क्षेत्र के पहाड़ों को संरक्षित किया जा सके.''
प्रशासन पर लगाए ये आरोप
उनका कहना है कि उन्हें अपने संदेश को फैलाने और लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए लद्दाख प्रशासन एक बांड पर दस्तखत करने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है.उन्होंने एक कॉपी भी ट्वीट की थी, इसके बारे में उनका दावा है कि यह वह बांड है जिस पर उन्हें उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए दस्तखत करने को कहा गया था कि वे एक माह तक कोई बयान नहीं देंगे या किसी सार्वजनिक बैठकों में भाग नहीं लेंगे.उनका दावा है कि प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया है.
वांगचुक ने पहले खारदुंग ला दर्रा में उपवास की योजना बनाई थी. वहां तापमान -40 डिग्री सेल्यियस तक पहुंच जाता है. हालांकि जहां वांगचुक का उपवास चल रहा है, वहां का तापमान भी करीब माइनस 20 डिग्री सेल्सियस है. उन्होंने 28 जनवरी को एक फोटो ट्वीट की, उसने वहां का तापमान माइनस 18.5 डिग्री सेल्सियस नजर आ रहा है. सोनम वांगचुक 2018 में रमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
साल 2009 में आई बॉलिवुड फिल्म 'थ्री इडियट' का कैरेक्टर फुंगसुक बांगडू को सोनम वांगचुक से प्रभावित होकर रचा गया था. इस रोल को आमिर खान ने निभाया था.
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