पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कश्मीर के सैयद आदिल हुसैन शाह के भाई को नजाकत अहमद को नौकरी दी गई है. जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ दरख्शां अंद्राबी ने गुरुवार (1 मई) को नजाकत को नियुक्ति पत्र सौंपी. 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों को बचाने के लिए आतंकियों से उनका हथियार छीनने की कोशिश में आदिल हुसैन शाह की जान चली गई थी. वो पहलगाम में टट्टू चलाने का काम करते थे. वो अपने घर में कमाने वाले इकलौते शख्स थे.

'उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा'

डॉ दरख्शां अंद्राबी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आदिल के बलिदान को सम्मान देने के लिए उनके परिजन को नियुक्ति पत्र दिया गया है. उन्होंने कहा कि आदिल का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा.

आदिल हुसैन शाह के भाई ने क्या कहा?

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नजाकत अहमद ने कहा कि अपने भाई के बहादुरी को याद करते हुए कहा कि उसने लोगों को बचाने की कोशिश में अपनी जान दे दी.

सीएम ने विधानसभा में दी थी श्रद्धांजलि

सैयद आदिल हुसैन शाह की बहादुरी की तारीफ सीएम उमर अब्दुल्ला से लेकर देश भर के आम से लेकर खास लोगों तक ने की. उनकी बहादुरी की कहानी जिसने भी सुनी उनकी आंखें नम हो गईं. सीएम उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में भी उनका नाम लेते हुए श्रद्धांजलि दी थी.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने की परिवार की आर्थिक मदद की थी

इतना ही नहीं, उनकी बहादुरी के कायल हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने व्यक्तिगत तौर पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की. इसके साथ ही एकनाथ शिंदे ने कहा था कि उन्होंने परिवार के लिए एक घर बनाने की भी पेशकश की है.

कश्मीरियत की पहचान बने आदिल!

आदिल की बहादुरी ने कश्मीरियत के चेहरे को बुलंद कर दिया. उनके इस बलिदान ने दुनिया को बता दिया कि कश्मीर के लोग अपने मेहमानों के लिए क्या जज्बा रखते हैं. वो जान की परवाह नहीं करते.