Kashmir Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाने की कोशिश करते हुए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले सैयद आदिल हुसैल शाह की हर तरफ चर्चा हो रही है. स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह को याद करते हुए बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मेहमानों की जान बचाते हुए खुद को कुर्बान कर देना कश्मीर के लिए बहुत की गर्व की बात है.
बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, "आदिल ने कुछ ऐसा किया जो दुनिया में बहुत कम लोग करते हैं. जो एक इमेज बाहर बनाने की कोशिश की जा रही थी, उसे आदिल साहब ने गलत करार दिया. उसने अपने सीने पर 3 गोलियां खाकर पर्यटकों की जान बचाई. यही असली कश्मीरियत है. इसी का नाम कश्मीर है. इसी कश्मीरियत को हम याद करते हैं.''
आदिल की शहादत को सदियों तक याद रखेंगे लोग- अल्ताफ
उन्होंने आगे कहा, ''अपनी जान की परवाह न किए बगैर जो हमारे मेहमान हैं, उनकी जान बचाना पूरे कश्मीर के लिए फक्र का मुकाम है, खासकर इस इलाके के लिए कि एक बहादुर लड़का टूरिस्ट की जान बचाते-बचाते अपनी जान का नजराना पेश किया. ये एक अजीम शहादत है, इसे हम सदियों तक याद करेंगे.
22 अप्रैल को हुए हमले में 26 की हुई थी मौत
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें से मारे गए 25 लोग देश के अलग-अलग राज्यों से यहां घुमने के लिए पहुंचे थे. वहीं मृतकों में स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह का नाम भी शामिल है. वो अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए लोगों को खच्चर की सवारी कराते थे. जिस दिन आतंकी हमला हुआ, उस समय आदिल हुसैन शाह भी वहां पर मौजूद थे. वो बैसरन घाटी में ही थे, जहां आतंकियों ने उन्हें तीन गोलियां मार दी.
आदिल हुसैन को सीने में तीन गोलियां मारी
सैयद आदिल हुसैन शाह के पिता हैदर शाह ने कहा, "वह वहां पर मजदूरी करता था. खच्चर-घोड़े चलाता था. 22 अप्रैल को घर से पहलगाम गया था. घोड़े-खच्चर वहां के लोगों के ही थे. फिर पहलगाम से घोड़े लेकर ऊपर बैसरन पहुंचा था." आदिल के पिता हैदर शाह ने ये भी कहा कि मैंने सुना है कि आतंकियों से पर्यटकों की जान बचाने के दौरान उसे 3 गोली मार दी.