भ्रष्टाचार के आरोपों और पंचायत चुनाव में देरी के मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर में सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी के प्रस्तावित मार्च से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो सरकार औपचारिक जांच शुरू करे, लेकिन बिना सबूत आरोप लगाना बंद किया जाना चाहिए.

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उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जम्मू-कश्मीर में जांच एजेंसियां केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं. ऐसे में उनकी सरकार के पास भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को छिपाने की कोई शक्ति नहीं है.

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‘सभी जांच एजेंसियां केंद्र के अधीन, फिर डर किस बात का?’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर बीजेपी को लगता है कि सरकारी नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है तो वह जांच शुरू करा सकती है. उन्होंने कहा, “भले ही हम भ्रष्ट हों, क्या हमारे पास भ्रष्टाचार छिपाने की कोई शक्ति है, जबकि सभी एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं? भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए जांच शुरू करें, लेकिन झूठे आरोप लगाना बंद करें.” उमर का यह बयान बीजेपी के उन आरोपों के जवाब में आया है, जिनमें पार्टी ने सरकारी नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए हैं.

श्रीनगर में विकास कार्यों का किया निरीक्षण

इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार सुबह श्रीनगर शहर का दौरा किया और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने शहर-ए-खास समेत कई इलाकों में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 6:30 बजे निरीक्षण शुरू किया और डाउनटाउन से लेकर अपटाउन श्रीनगर तक 10 से 12 परियोजना स्थलों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि अधिकतर परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन कुछ जगहों पर प्रशासन को और ध्यान देने की जरूरत है.

ट्रैफिक और पार्किंग को बताया बड़ी चुनौती

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि श्रीनगर में बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने डाउनटाउन इलाके में पार्किंग की कमी को शहर की प्रमुख समस्याओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शहर की जरूरतों के अनुसार नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन पर काम की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ऐसे दौरे जरूरी हैं.

बिजली, सड़क और पानी को लेकर दिया अपडेट

मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सड़क, बिजली और जलापूर्ति योजनाओं को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में पहले बिटुमेन की आपूर्ति बाधित होने से परेशानी आई थी, लेकिन अब काम फिर से गति पकड़ चुका है. जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं में आई रुकावटों पर उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और फंड जारी होने लगे हैं. बिजली व्यवस्था पर उमर ने माना कि अभी हर जगह 24 घंटे बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन बिजली कटौती में काफी कमी आई है और आगे इसमें सुधार किया जाएगा.

धार्मिक टिप्पणियों पर उमर ने जताई नाराजगी

कारगिल में अयातुल्ला खुमैनी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धार्मिक हस्ती के खिलाफ अनुचित बयान नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी टिप्पणी से कारगिल के लोगों या शिया समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं तो ऐसा नहीं होना चाहिए था. सभी धर्मों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.

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