हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए बहुत बड़ी राहत की बात है. खासकर, ये उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो एलओसी के दोनों तरफ रहते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति जताई ये खुशी की बात है.
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
मीरवाइज ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, "अल्हम्दुलिल्लाह. बेहतर समझ की जीत हुई है और भारत और पाकिस्तान सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. ये सभी के लिए बहुत बड़ी राहत है, खासकर एलओसी के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के लिए, जहां कीमती जानें चली गईं और घर और आजीविका नष्ट हो गई."
शांति और स्थिरता का साधन बातचीत है- मीरवाइज
इसके आगे उन्होंने कहा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा व्यापक मुद्दों पर दोनों के बीच चर्चा की संभावना का संकेत एक स्वागत किए जाने योग्य नतीजा है. शांति और स्थिरता का साधन बातचीत है. खुशी है कि दोनों पक्षों के नेतृत्व ने इस पर सहमति जताई."
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देश को दी बधाई
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने की सूचना सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए दी. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर का समझौता हुआ है.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इसके कुछ देर बाद विदेश मंत्रालय की तरफ से बयान जारी किया जाता है. इसमें भारत और पाकिस्तान के बीज युद्धविराम के फैसले पर सहमति की पुष्टि की जाती है. विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि शनिवार (10 मई) को साढ़े तीन बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क किया. दोनों के बीच चर्चा हुई और सीजफायर पर सहमति बनी. विदेश मंत्रालय के सचिव ने ये भी बताया कि दोनों देशों के सीजीएमओ के बीच अगली चर्चा 12 मई को दोपहर 12 बजे होगी.