भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने शांति की दुआ की. उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों में जंगी हथियार तैयार हैं, न्यूक्लियर हथियार तैयार हैं ऐसे में तो हम खुदा से शांति और अमन की ही दुआ करते हैं. 

'गहरे दुख और चिंता ने जकड़ लिया है'

 मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि पता नहीं क्या सूरत-ए-हाल होगी. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, "जैसा कि जंग का खतरा बढ़ता जा रहा है और लोगों की कीमती जाने जा रही हैं, गहरे दुख और चिंता ने हमारे दिलों को जकड़ लिया है. दुर्भाग्य से जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव होता है, इसका नुकसान मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर के लोगों को भुगतना पड़ता है."

'तुरंत तनाव कम करने की अपील की'

इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि एलओसी पर लोग भारी परेशानियों से गुजर रहे है, क्योंकि उनकी जिंदगी, घर और आजीविका के नुकसान को महज कोलैटरल डैमज के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कहा, "मैं दोनों मुल्कों से दरख्वास्त करता हूं कि वे तुरंत तनाव कम करें और इस खतरनाक रास्ते पर न चलें, जो केवल बर्बादी की ओर ले जा सकता है."

प्रशासन ने जामा मस्जिद जाने की इजाजत नहीं थी- मीरवाइज

मीरवाइज ने कहा कि उन्होंने आज (9 मई) को प्रशासन ने जामा मस्जिद जाने की इजाजत नहीं थी. लेकिन वो शांति की दुआ में सबके साथ शामिल है. उन्होंने जो वीडियो शेयर किया वो पिछले जुमा का है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान कर रहा सीजफायर का उल्लंघन

बता दें कि मीरवाइज उमर फारूक ने ये बातें ऐसे समय में कहीं हैं जब भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान एलओसी पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी से बचने के लिए जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है. अभी तक सीमा पार से हुई फायरिंग में 16 लोगों की मौत हो गई है.

भारत ने पाकिस्तान के शहरों पर की जवाबी कार्रवाई

पाकिस्तान और पीओके में भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है. उसने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया. इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर और कराची सहित पाकिस्तान के कई शहरों पर हमले किए.