ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने एलओसी पर भारी गोलीबारी की है. इसमें महिलाओं और बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई है. इस बीच पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान दोनों मुल्क की सरकार से अपील की है कि संयम बरते और बातचीत का विकल्प चुने.
लोगों की जान खतरे में पड़ती जा रही है- महबूबा मुफ्ती
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पहलगाम में हुए विभत्स हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को ख़तरनाक रूप से तबाही के कगार पर पहुंचा दिया. दोनों तरफ महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की दुखद मौत हृदय विदारक है. हर बीतते वक्त के साथ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान खतरे में पड़ती जा रही है। यह बिल्कुल साफ है कि मिलिट्री समाधान से सिर्फ़ और सिर्फ़ दर्द ही मिल सकता है."
लगातार कोशिशों से कम कर सकते हैं तनाव- महबूबा मुफ्ती
इसके आगे उन्होंने कहा, "मैं भारत और पाकिस्तान दोनों के नेतृत्व से संयम बरतने और विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री से दुश्मनी खत्म करने के लिए बातचीत का विकल्प चुनने की अपील करती हूं. अब, पहले से कहीं ज़्यादा शांतिपूर्ण जुड़ाव ही हमारा एकमात्र साधन होना चाहिए। सिर्फ ईमानदारी के साथ और लगातार कोशिशों के माध्यम से ही हम तनाव को कम कर सकते हैं और शांति बहाल करने का कठिन काम शुरू किया जा सकता है."
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत ने पाकिस्तान के किसी सैन्य ठिकानों को टारगेट नहीं किया. लेकिन आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है और उसने एलओसी पर भारी फायरिंग शुरू कर दी है.