लद्दाख मॉडल पर जम्मू-कश्मीर में बातचीत की मांग, महबूबा मुफ्ती ने नेताओं को पत्र लिखकर की अपील
Jammu Kashmir News: महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को CM उमर अब्दुल्ला सहित क्षेत्रीय नेताओं को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लद्दाख की तरह संयुक्त रूप से संपर्क साधने का आह्वान किया.

- शिवसेना (उद्धव गुट) ने महबूबा मुफ्ती की पहल का स्वागत किया.
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों को चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी पर अभी तक मुख्य विपक्षियों पार्टियों ने कोई फैसला नहीं लिया है. इस चिट्ठी में मुफ्ती ने जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ सतत संवाद शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लद्दाख की तरह संयुक्त रूप से संपर्क साधने का आह्वान किया है.
जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित क्षेत्रीय नेताओं को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लद्दाख की तरह संयुक्त रूप से संपर्क साधने का आह्वान किया. स्थिति के बाद जम्मू कश्मीर में नई सियासी बहस शुरू हो गई है. इस चिट्ठी पर फिलहाल जम्मू कश्मीर की मुख्य विपक्षी पार्टियों में से एक कांग्रेस में कोई फैसला नहीं लिया है.
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कांग्रेस ने चिट्ठी पर क्या कहा?
कांग्रेस का दावा है कि क्योंकि वह सरकार के साथ सत्ता में है इसलिए जब तक उमर अब्दुल्ला कोई फैसला नहीं लेते तब तक उनका कुछ भी कहना उचित नहीं होगा. महबूब पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ बीजेपी को भी यह पत्र लिखा है. कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, "जम्मू कश्मीर की स्थिति के लिए बीजेपी जिम्मेदार है. जम्मू कश्मीर में बीजेपी की गलत नीतियों की वजह से दो-दो पावर केंद्र बने हैं. लोगों को यह पता नहीं लग रहा कि वह उमर अब्दुल्ला के पास जाएं या फिर मनोज सिन्हा के पास." उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस शुरू से ही जम्मू कश्मीर की आम जनता के साथ खड़ी है और महबूबा की चिट्ठी पर पार्टी विचार करके अपना फैसला लगी.
उद्धव गुट की शिवसेना ने चिट्ठी का किया समर्थन
वहीं, जम्मू में अपनी राजनीतिक जड़ें तलाश रही उद्धव गुट की शिवसेना ने इस चिट्ठी का स्वागत किया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनीष साहनी ने इस बाबत बीजेपी और नेशनल कांफ्रेंस को भी चिट्ठी लिखी है. इसमें लोगों के हितों की चिंता करने का जिक्र किया गया है. चिट्ठी में शिवसेना ने उमर अब्दुल्ला को यह याद दिलाया है कि उन्होंने जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने की बात अपने घोषणा पत्र में भी की थी और लगातार वह लोगों से यह वादा करते आए हैं कि वह जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवा कर रहेंगे. अपनी चिट्ठी में उन्होंने आगे लिखा है कि अगर इस सारे घटनाक्रम में उमर अब्दुल्ला लीड करना चाहते हैं तो शिवसेना उनके साथ खड़ी है.
























