जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने बेकसूर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने को अकल्पनीय रूप से क्रूर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगाया और स्वतंत्र जांच की मांग की.
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बातचीत में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि इस हमले की निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं और निहत्थे नागरिकों पर हुआ यह हमला बेहद दर्दनाक है. महबूबा ने कहा कि ये मजदूर अपने घरों से दूर सिर्फ अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत-मजदूरी करने आते हैं, ऐसे लोगों को निशाना बनाना बेहद क्रूर और अमानवीय है.
हमला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल- महबूबा मुफ्ती
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था रहती है, जिसकी वजह से आम लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद इस तरह का आतंकी हमला होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
उन्होंने कहा कि हाल के समय में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है और ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) तथा उग्रवाद से संबंध के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है. महबूबा ने कहा कि कश्मीरी भी इन आतंकी घटनाओं से उतने ही दुखी और स्तब्ध हैं, लेकिन जांच के नाम पर आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
घाटी में हिंसा का यह सिलसिला रुकना चाहिए- महबूबा मुफ्ती
महबूबा मुफ्ती ने मांग की कि इस बात की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आतंकवादी हमला करने में कैसे सफल रहे. उन्होंने कहा कि घाटी में हिंसा का यह सिलसिला रुकना चाहिए, क्योंकि इसकी सबसे बड़ी कीमत वे निर्दोष नागरिक चुकाते हैं जो ईमानदारी से अपना जीवन-यापन करने की कोशिश कर रहे हैं.
