जम्मू और कश्मीर में करीब एक साल से खाली पड़ी दो विधानसभा सीटों बडगाम और नगरोटा के लिए उपचुनाव अब बिहार विधानसभा चुनावों के साथ होने की उम्मीद है. बडगाम सीट अक्टूबर 2024 से खाली है, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गंदरबल सीट बनाए रखने का फैसला किया. वहीं, नगरोटा सीट 31 अक्टूबर, 2024 को विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई.
कानून के मुताबिक उपचुनाव रिक्त होने के 6 महीने के अंदर होना चाहिए था. इसका मतलब था कि दोनों सीटों पर अप्रैल 2025 तक चुनाव हो जाने चाहिए थे. लेकिन आयोग और केंद्र सरकार की बातचीत में यह तय हुआ कि मौसम और सुरक्षा जैसी वजहों से इसे समय पर कराना मुश्किल है.
खराब मौसम बनी देर की वजह
पहले उम्मीद थी कि फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनावों के साथ ही उपचुनाव हो जाएंगे, लेकिन जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से यह संभव नहीं था.
इसके बाद अप्रैल 2025 तक चुनाव कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन 22 अप्रैल को पहलगाम हमले और बढ़ी सुरक्षा स्थिति ने भी इसे रोक दिया. मामला अब उच्च न्यायालय में विचाराधीन है.
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग अब बिहार चुनावों के साथ ही जम्मू और कश्मीर में उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है. पिछले कुछ महीनों में इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष सारांश संशोधन (एसएसआर) 8 अप्रैल से 24 अप्रैल तक पूरा हो गया, जबकि अंतिम मतदाता सूची 5 मई को प्रकाशित हुई.
राज्यसभा की 4 सीटें खाली
इसी बीच, 2021 से खाली चार राज्यसभा सीटों के चुनाव भी लंबित हैं. जम्मू और कश्मीर के चारों राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल फरवरी 2021 में समाप्त हो गया था. इसमें पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद लावे का कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म हुआ, जबकि मीर मुहम्मद फैयाज और शमशेर सिंह मन्हास का 10 फरवरी को.
जल्द ही आयोग केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय करके उपचुनाव और राज्यसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर सकता है. इससे पहले कि सर्दी शुरू हो, चुनाव कराना ही प्राथमिकता है.