ईरान-इज़रायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच जम्मू-कश्मीर के एक शिया प्रवासी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए एक पोस्ट किया. इस पोस्ट के चलते उसे सऊदी अरब में जेल जाना पड़ा है. जहां एक ओर परिवार और कंपनी के अधिकारियों ने 25 मार्च को उसकी गिरफ्तारी के बाद से उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी न होने का दावा किया है, वहीं तनाव के इस माहौल में सऊदी में किसी भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है.
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (JKSA) ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से आग्रह किया है कि वो सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए एक कश्मीरी युवक की रिहाई के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें. संघ ने युवक की सुरक्षा और उसे कानूनी सहायता न मिल पाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्री को लिखे एक पत्र में संघ ने युवक की पहचान अमजद अली भट के रूप में की है, जो बारामूला जिले के पट्टन इलाके के गुंड इब्राहिम गाँव का निवासी है. भट पेशे से नर्स स्पेशलिस्ट हौ और दम्मम में 'सऊदी रिस्पॉन्स प्लस मेडिकल' के साथ काम कर रहा था. उसके पोस्ट के बाद कथित तौर पर 25 मार्च, 2026 को सऊदी सिविल डिफेंस फोर्सेज ने उसे हिरासत में ले लिया.
JKSA के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी के अनुसार, माना जा रहा है कि यह हिरासत एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी है, जिसमें ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई को श्रद्धांजलि दी गई थी. हालांकि, अब तक भट के परिवार या उसके नियोक्ता को कोई औपचारिक आरोप या आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है. खुएहामी ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद से भट से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे उसका परिवार 'अत्यधिक चिंता और परेशानी' में है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवक का किसी भी तरह की गैर-कानूनी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का कोई ज्ञात इतिहास नहीं है. इसके साथ ही एक स्वास्थ्यकर्मी के तौर पर उसका पेशेवर रिकॉर्ड भी बेदाग रहा है.
संघ ने मांग की है कि विदेश मंत्रालय इस मामले को सऊदी अधिकारियों के साथ उच्चतम कूटनीतिक स्तर पर उठाए. संघ ने यह भी अनुरोध किया कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारतीय दूतावास और दम्मम में वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया जाए कि वे भट से तत्काल संपर्क स्थापित करें, उसे कानूनी सहायता सुनिश्चित करें और आवश्यक कानूनी मदद प्रदान करें.
खुएहामी ने कहा, "यदि कोई ठोस आरोप साबित नहीं होते हैं, तो उसकी जल्द रिहाई के लिए प्रयास किए जाने चाहिए." उन्होंने उम्मीद जताई कि जयशंकर विदेश में रह रहे एक भारतीय नागरिक के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई करेंगे. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भारतीय दूतावास के स्थानीय अधिकारी अमजद अली भट की रिहाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमजद की सोशल मीडिया गतिविधियां इस काम में मददगार साबित नहीं हो रही हैं. अमजद पाकिस्तान सरकार के मुखर आलोचक रहा है और वे नियमित रूप से पाकिस्तान के खिलाफ, तथा पाकिस्तान सरकार द्वारा शिया मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के विरुद्ध पोस्ट करता रहा है.
