कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिलों में 15 दिनों से भी कम समय में हुए दो हमलों के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कश्मीर में बचे आखिरी स्थानीय आतंकी कमांडर मोहम्मद लतीफ भट पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के ख्रेवन, चद्दर का रहने वाला 22 वर्षीय लतीफ भट, जम्मू-कश्मीर घाटी में सक्रिय बचे हुए कुछ हाई-प्रोफाइल स्थानीय आतंकियों में से एक है.

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पुलिस ने आतंकी कमांडर को पकड़ने के लिए लगाए 'वॉन्टेड' पोस्टर 

J&K पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है. उन्होंने श्रीनगर में प्रमुख सार्वजनिक जगहों, ट्रांजिट पॉइंट्स और प्रेस एन्क्लेव में उसकी तस्वीर वाले 'वॉन्टेड' पोस्टर लगाए हैं और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली किसी भी पक्की या भरोसेमंद जानकारी के लिए ₹15 लाख के नकद इनाम की घोषणा की है.

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, लतीफ भट दक्षिण कश्मीर में सक्रिय रहा है और पिछले कुछ हफ्तों में हुए कई हाई-प्रोफाइल टारगेटेड हमलों के पीछे मुख्य संदिग्ध है. लतीफ पर अनंतनाग के लाल चौक पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या का आरोप है. सुरक्षा एजेंसियों को उसके 'वॉन्टेड'  पोस्टर में इस्तेमाल की गई तस्वीरें भीड़-भाड़ वाले बाजार इलाके से भागते समय रिकॉर्ड हुए CCTV फुटेज से मिली थीं.

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बीते दो महीनों में विदेशी आतंकवादियों की बढ़ोतरी की संभावना

लतीफ पर कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो बाहरी ईंट-भट्ठा मजदूरों की गोली मारकर हत्या करने की साजिश रचने का भी गहरा शक है. खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि भट को पहले शोपियां में कई दिनों तक चले संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी के साथ घेरा गया था. जबकि सुरक्षा बलों ने गनी को मार गिराया, भट घेराबंदी से बचकर जंगलों की ओर भागने में कामयाब रहा, जिसके बाद घाटी भर में उसे पकड़ने का अभियान और तेज कर दिया गया.

आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि मई के महीने में पूरे J&K क्षेत्र में केवल 17 सक्रिय स्थानीय आतंकवादी (कश्मीर में 14 और जम्मू में तीन) और लगभग 60 विदेशी आतंकवादी सक्रिय थे, लेकिन पिछले दो महीनों में सीमा पार से घुसपैठ के बाद विदेशी आतंकवादियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो सकती है.

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