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जम्मू-कश्मीर के निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है. मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में जारी शुष्क सर्दी के दौर के समाप्त होने की घोषणा की है. अगले दस दिनों के भीतर क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बर्फबारी का अनुमान जताया गया है, जो इस सीजन की सबसे महत्वपूर्ण मौसमी हलचल साबित होगी.

मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के अनुसार, 16 से 25 जनवरी के बीच एक के बाद एक 2 से 3 सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस क्षेत्र को प्रभावित करेंगे. पहला चरण (16 जनवरी), इसकी तीव्रता कम होगी और इसका प्रभाव केवल कुछ ही इलाकों तक सीमित रहने की उम्मीद है.

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दूसरा चरण (18-21 जनवरी), यह मध्यम स्तर का होगा, जिससे ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी शुरूहो जाएगी.तीसरा और सबसे तीव्र चरण (21-25 जनवरी), इस दौरान मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिलेगा. विभाग ने जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बर्फबारी की 75% संभावना जताई है.

मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक हिमपात की संभावना

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बर्फबारी केवल पहाड़ों तकसीमित नहीं रहेगी, बल्कि कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी मध्यम से भारी हिमपात होने के पूरे आसार हैं.

इन क्षेत्रों में होगी भारी बर्फबारी

गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और दूधपथरी. अन्य उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 'बहुत भारी' बर्फबारी की चेतावनी दी गई है.

सूखे के कारण बढ़ी थी चिंता

इस सालसर्दियोंमेंबर्फबारीहोनेकेकारण पर्यटन और कृषि (खासकर सेब के बागान) पर बुरा असर पड़ रहा था. जलाशयों का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया था. मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा, "यह नमी न केवल पर्यटन के लिए बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी और जल संसाधनों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है." प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है और पर्यटकों व स्थानीय लोगों को मौसम के अपडेट के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है.