कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर महंगाई की मार, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दिख रहा असर
Jammu Kashmir News: डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने से हर चीज के दाम बढ़ गए हैं. हवाई जहाज, टैक्सी का किराया भी बढ़ गया है. पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हो रहा है.

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर भी दिखने लगा है. टिकट से लेकर हर चीज के दाम बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में कमी देखी जा रही है. होटल व्यवसायी से लेकर पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. देश के कई हिस्सों में बढ़ती लू की स्थिति के बीच, मई के दूसरे हफ्ते में कश्मीर घाटी में पर्यटकों की आमद में इजाफा देखा गया था. यह बढ़ोतरी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफे से पहले हुई थी.
हालांकि अलग-अलग राज्यों से आने वाले पर्यटक अभी भी घाटी में आकर यहां के सुहावने मौसम, हरे-भरे नजारों और शांत माहौल का लुत्फ उठा रहे हैं. आज भी पर्यटक मशहूर डल झील पर पारंपरिक शिकारा की सवारी का आनंद और सुबह की ठंडी हवा का मजा लेते हुए देखे जा सकते हैं. स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी उम्मीद थी कि आने वाले हफ़्तों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी, क्योंकि कश्मीर घाटी में देश के बाकी हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी के उलट राहत देने वाला मौसम एक मैगनेट का काम कर रहा था.
कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर महंगाई की मार!
पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही परेशानियों से जूझ रहे कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर महंगाई ने एक और चोट लगा दी है. मुश्किल से पटरी पर लौट रहे पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी लोग पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों के असर से जूझ रहे हैं, वह भी पर्यटन सीजन की शुरुआत में ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं. टैक्सी चालक तारिक अहमद ने कहा, "पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से मेरे खर्चे बढ़ गए हैं और हमको लोन भी चुकाना है, घर भी चलाना है. जाहिर सी बात है बढ़ी हुई कीमतों का असर पर्यटकों पर ही पड़ेगा."
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आसमान छूने लगे फ्लाइट टिकट के दाम
अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में स्कूल-कॉलेज में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी, जिसके साथ ही कई परिवार गर्मियों से बचने के लिए कश्मीर आने की तैयारी करते हैं लेकिन कश्मीर आने के लिए हवाई जहाज के टिकट के दाम आसमान छूने लगे हैं. टिकट की कीमत 13-15 हजार के बीच तक पहुंच गयी है. जून के पहले हफ्ते तक टिकट का न्यूनतम किराया 11 हजार है, जिससे कश्मीर में उद्योग से जुड़े लोग परेशान हैं.
'कश्मीर आने के लिए किराए में ही तीन गुना इजाफा'
ट्रैवल एजेंसी और टूर प्लानर जुनैद शाह के अनुसार बढ़ी हुई ईंधन की कीमतों के चलते कश्मीर आने के लिए किराए में ही तीन गुना इजाफा हो चुका है और जो टिकट 5 हजार में मिलता था, वही अब 16 हजार रुपये तक चला गया है. ऐसे में आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होने लगी है. वहीं सड़क के रास्ते आने वाले लोगों को भी बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि टैक्सी और बस चालक बढ़ी हुई ईंधन की कीमतों के चलते नुकसान को पूरा करने के लिए किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं.
टैक्सी किराया भी बढ़ा
इसका असर कश्मीर घूमने आ चुके लोगों को पहले से ही चोट पहुंचा रहा है. जहां एक दिन के लिए टैक्सी हायर करने के लिए किराया 3 हजार से बढ़कर 3500 रुपये तक पहुंच चुका है. वहीं होटल और हाउसबोट मालिक भी बढ़ती महंगाई से परेशान है क्योंकि ये लोग अभी तक की बुकिंग पुरानी कीमतों के अनुसार कर चुके हैं. पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी के साथ ही खाने पीने के सामान से लेकर, होटल में मेहमानों की सुविधा के सभी सामान के रेट भी बढ़ गए हैं.
डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ने से हर चीज के बढ़े दाम
होटल मालिक साहिल जावेद के अनुसार पहले पहलगाम हमला और फिर ईरान-अमेरिका जंग के चलते हुवे एलपीजी संकट और कमर्शियल गैस की बढ़ी कीमतों ने पहले से ही मुनाफा कम कर दिया था और अब डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने से हर चीज के दाम बढ़ गए हैं जिससे हमलोगों का काफी नुकसान हो रहा है.
पर्यटन उद्योग पर संकट से कश्मीर की अर्थव्यवस्था प्रभावित!
आम लोग तो पहले से बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों में इजाफे से परेशान हैं. अब पर्यटन उद्योग पर बढ़ते संकट से कश्मीर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट होने की संभावना बढ़ गई है. कश्मीर की अर्थव्यवस्था जो कृषि, हॉर्टिकल्चर और पर्यटन उद्योग पर पूरी तरह निर्भर है को ज़िंदा रखने के लिए लोग ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
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