जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों और सड़क किनारे सामान बेचने वाले बाहरी लोगों को कथित आतंकी धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. अनंतनाग में बाहरी महिला स्ट्रीट वेंडरों के प्रदर्शन के बाद ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट’ (ULF) नाम के एक संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर धमकी जारी की गई है. इसमें बाहरी लोगों को कश्मीर से चले जाने की चेतावनी दी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ULF ने ऑनलाइन संदेश में प्रवासी मजदूरों और बाहरी स्ट्रीट वेंडरों को निशाना बनाने की धमकी दी. संदेश में आरोप लगाया गया कि बाहरी लोग जम्मू-कश्मीर में बसने और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक ढांचे को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. संगठन ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि बाहरी लोग कश्मीर में अपना काम जारी रखते हैं तो उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ सकता है.
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अनंतनाग में प्रदर्शन के बाद सामने आई धमकी
यह धमकी 3 और 4 सितंबर को अनंतनाग में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद सामने आने की बात कही जा रही है. नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाने के दौरान कई दुकानों और ठेलों को हटाया गया था. इसके विरोध में बाहरी महिला स्ट्रीट वेंडरों ने प्रदर्शन किया था.
रोजगार और वैकल्पिक जगह की मांग
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन के सामने अपनी आर्थिक परेशानियां रखी थीं. उनका कहना था कि रोजी-रोटी के लिए वे सड़क किनारे सामान बेचती हैं. उन्होंने प्रशासन से वेंडिंग के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने या बिना रोजाना की बाधा के काम करने की अनुमति देने की मांग की थी. इसी प्रदर्शन के बाद कथित आतंकी धमकी ने सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है.
दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाई गई
धमकी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है. कमर्शियल मार्केट, ट्रांजिट कैंप और उन इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है, जहां बाहरी मजदूर रहते हैं. सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं.
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