जम्मू-कश्मीर में रैपिडो सर्विस पर रोक, सरकार ने किया गैर-कानूनी घोषित, जानें क्यों लिया फैसला?
Jammu Kashmir News: बाइक टैक्सी सेवा Rapido केंद्र शासित प्रदेश में गैर-कानूनी रूप से चल रही है, क्योंकि उसके पास J&K मोटर वाहन एग्रीगेटर नीति के तहत कोई वैध लाइसेंस नहीं है. जिस पर एक्शन लिया गया है.

जम्मू और कश्मीर सरकार ने आधिकारिक तौर पर ऐप-आधारित टैक्सी और बाइक सेवा Rapido को J&K में गैर-कानूनी घोषित कर दिया है. J&K के परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन ने कहा कि बाइक टैक्सी सेवा Rapido केंद्र शासित प्रदेश में गैर-कानूनी रूप से चल रही है, क्योंकि उसके पास J&K मोटर वाहन एग्रीगेटर नीति के तहत कोई वैध लाइसेंस नहीं है.
महाजन ने कहा कि इस सेवा के बारे में कई शिकायतें मिलने के बाद, अधिकारियों को इस प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, और चेतावनी दी गई है कि उपयोगकर्ता और राइडर अपने जोखिम पर ही इसका इस्तेमाल करें.
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परिवहन आयुक्त ने दी यह जानकारी
महाजन ने स्पष्ट किया कि Ola और Uber को J&K में काम करने की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी सेवाएं शुरू नहीं की हैं. इन कंपनियों को J&K मोटर वाहन एग्रीगेटर नीति के तहत काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन सेवाएं शुरू करने में उन्हें देरी का सामना करना पड़ा है; अगर वे जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू नहीं करते हैं, तो उनके लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं.
इस नए आदेश का मुख्य असर बाइक टैक्सी सेगमेंट पर पड़ेगा, जबकि इसकी ऑटो और कैब सेवाओं की स्थिति भी एग्रीगेटर लाइसेंस न होने के कारण अभी जांच के दायरे में है. हालांकि J&K में ऐप-आधारित बाइक सेवाओं पर रोक लगा दी गई है, लेकिन टैक्सी सेवाओं के अन्य विनियमित साधन अभी भी उपलब्ध हैं.
सरकार ने की थी किराए में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी
29 अप्रैल, 2026 को सरकार ने सामान्य बसों, टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा के किराए में 18% तक की बढ़ोतरी की थी. यह मामला तब सामने आया जब Rapido सेवाओं ने भी अपने किराए बढ़ा दिए, जिससे इस गैर-कानूनी बाइक सेवा का भंडाफोड़ हो गया. फिलहाल यह घटना राज्यभर में चर्चा का विषय बनी हुई है.

























