जम्मू-कश्मीर में हड़ताल कर रहे मेडिकल इंटर्न और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू के बीच बातचीत बेनतीजा रही, जिसका मतलब है कि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चल रही मेडिकल हड़ताल जारी रहेगी. मेडिकल इंटर्न ने चेतावनी दी है कि अगर रविवार तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया तो वे सोमवार 7 सितंबर से J&K के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करके अपना विरोध और तेज कर देंगे.

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आज अपने आंदोलन के पांचवें दिन, जम्मू-कश्मीर के मेडिकल इंटर्न ने स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू के साथ लंबी बैठक के बावजूद हड़ताल जारी रखने का फैसला किया. स्टाइपेंड बढ़ाने की लंबे समय से लंबित मांग पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके.

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डेढ़ घंटे चली बातचीत बेनतीजा 

लगभग 90 मिनट तक चली यह बैठक बेनतीजा रही, क्योंकि इंटर्न ने मौखिक आश्वासन मानने से इनकार कर दिया और आंदोलन खत्म करने से पहले लिखित आदेश की मांग की. आंदोलनकारी इंटर्न के प्रतिनिधि डॉ. ज़मीन जावेद ने बैठक के बाद कहा, "आज हमारी मंत्री सकीना इट्टू के साथ बातचीत हुई. यह डेढ़ घंटे तक चली. उन्होंने कहा कि वह एक महीने के भीतर इस पर काम करेंगी. लेकिन कुछ बातों पर हमारी असहमति थी." उन्होंने आगे कहा, "हड़ताल जारी रहेगी. हमने इसे वापस नहीं लिया है. हम देखेंगे कि उसके बाद क्या होता है."

मानदेय बढ़ाने की मांग 

इंटर्न अपने मासिक स्टाइपेंड को 2,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं, यह मांग तीन साल से लंबित है. डॉ. जावेद ने कहा कि 2023 में फाइल आगे बढ़ाए जाने के बावजूद यह वित्त विभाग के पास अटकी हुई थी और इंटर्न का मौखिक वादों से भरोसा उठ गया है. उन्होंने कहा, "जब तक हमें तत्काल प्रभाव से लागू होने वाला लिखित आदेश नहीं मिल जाता, हम हड़ताल वापस नहीं लेंगे. हमने मंत्री इट्टू से भी यही बात कही."

उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला लेने से पहले प्रतिनिधि केंद्र शासित प्रदेश के सभी 11 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपने साथियों से सलाह-मशविरा करेंगे. डॉ. जावेद ने कहा, "J&K में 11 मेडिकल कॉलेज हैं. हमें उनसे बात करनी है. इसीलिए हमने आगे की बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखे हैं."

माना जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री ने इंटर्न को मामले में दखल देने का भरोसा दिलाया है और मसले को सुलझाने के लिए एक महीने का समय मांगा है. हालांकि, बिना किसी लिखित आश्वासन के, प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने साफ़ कर दिया कि वे सरकार की प्रतिक्रिया के आधार पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए इंतज़ार करेंगे.

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