जम्मू-कश्मीर में शनिवार से हो रही लगातार बारिश अब आसमानी आफत बन चुकी है. प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिसके चलते लगातार पांचवें दिन भी राज्य की सभी प्रमुख धार्मिक यात्राएं रोक दी गई हैं. मौसम की खराबी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है.

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भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग की निम्नलिखित प्रमुख यात्राएं आज 5वें दिन भी पूरी तरह बंद रहीं:

  • श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा यात्रा (कश्मीर)
  • माता वैष्णो देवी यात्रा (कटरा)
  • शिव खोड़ी मंदिर यात्रा (रियासी जिला)
  • मचैल माता की यात्रा (किश्तवाड़ जिला)

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जगह-जगह फंसे हजारों तीर्थयात्री

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश की सबसे बड़ी यात्रा श्री अमरनाथ जी के लिए जाने वाले लगभग 5,000 यात्री इस वक्त जम्मू में फंसे हुए हैं, जिनमें करीब 500 साधु भी शामिल हैं. हालांकि, बिगड़ते मौसम और यात्रा में देरी को देखते हुए सैकड़ों तीर्थयात्री अपने गृह राज्यों के लिए वापस भी लौट गए हैं.

इसके अलावा घाटी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं. लगभग 2,800 तीर्थयात्री पिछले चार दिनों से पहलगाम के नुनवान बेस कैंप में फंसे हैं. करीब 1,000 तीर्थयात्री पंथा चौक (श्रीनगर), बालटाल (गांदरबल) और चंदरकोट (रामबन) में रुके हुए हैं.

प्रशासन ने किए ठहरने के मुकम्मल इंतजाम

जम्मू में फंसे हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का प्रशासन पूरा ध्यान रख रहा है. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए निम्नलिखित स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं:

  • भगवती नगर यात्री निवास
  • आसाराम बापू का आश्रम
  • पुरानी मंडी का राम मंदिर
  • जम्मू का गीता भवन

'बिना दर्शन नहीं लौटेंगे' - श्रद्धालुओं का अडिग हौसला

प्रशासन द्वारा 18 जुलाई को भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद से जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ यात्रियों का रोजाना जाने वाला काफिला भी रोक दिया गया है. यात्रा रोके जाने के बावजूद, श्रद्धालुओं के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है.

देश के अलग-अलग हिस्सों से आए यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि मौसम चाहे कैसा भी हो, वे पवित्र गुफा के दर्शन करके ही लौटेंगे. वे जम्मू में ही रहकर मौसम साफ होने का इंतजार करेंगे और जैसे ही प्रशासन हरी झंडी देगा, अपनी यात्रा फिर से शुरू करेंगे.

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