Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के डिग्री कॉलेजों में CUET खत्म, अब 12वीं के अंकों के आधार पर होगा दाखिला
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के सरकारी कॉलेजों में घटते नामांकन और खाली सीटों की समस्या के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने CUET आधारित UG प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर दी है.

जम्मू और कश्मीर के सरकारी डिग्री कॉलेजों (GDCs) में खाली सीटों की गंभीर समस्या और घटते नामांकन को देखते हुए, उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. राज्य सरकार ने अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में प्रवेश के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) आधारित एडमिशन प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद कर दिया है. अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों को पुरानी व्यवस्था के तहत कक्षा 12 (10+2) के अंकों (मेरिट) के आधार पर ही कॉलेजों में दाखिला दिया जाएगा.
क्या होगी प्रवेश की नई प्रक्रिया?
उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, अगले सत्र से सभी यूजी एडमिशन बिना CUET के होंगे. छात्रों को प्रवेश के लिए एक 'केंद्रीकृत एडमिशन पोर्टल' (Centralized Portal) के माध्यम से पंजीकरण करना होगा. छात्रों को कॉलेज का आवंटन उनकी 12वीं कक्षा की मेरिट और पोर्टल पर उनके द्वारा दी गई प्राथमिकताओं (Preferences) के आधार पर किया जाएगा. छात्र और अभिभावक समय रहते तैयारी कर सकें, इसलिए यह जानकारी पहले ही जारी कर दी गई है.
'खाली पड़े कॉलेज' बने CUET हटाने की वजह
CUET एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जो केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए सफल रही है, लेकिन J&K के सरकारी कॉलेजों में इसका उल्टा असर दिखा. विधानसभा में पेश की गई सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, CUET लागू होने से छात्रों के नामांकन में भारी कमी आई. J&K के बाहर के छात्रों ने इन कॉलेजों को नहीं चुना और स्थानीय छात्र इतने अंक नहीं ला पाए कि वे प्रवेश के लिए अर्हता (Qualify) प्राप्त कर सकें. इसके अलावा भौगोलिक स्थिति और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण भी छात्रों ने CUET के माध्यम से प्रवेश से परहेज किया.
शून्य एडमिशन: चौंकाने वाले हैं आंकड़े
विधानसभा में रखे गए आंकड़े सरकारी डिग्री कॉलेजों की दयनीय स्थिति बयां करते हैं. मार्च 2026 तक:
जीरो एडमिशन: दो कॉलेजों (GDC बाघी दिलावर खान और GDC चट्टीसिंहपोरा) में एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ. मजबूरी में इन्हें क्रमशः S.P. कॉलेज (श्रीनगर) और GDC अनंतनाग के साथ मिलाना पड़ा.
- छात्रों का अकाल: राज्य के 13 कॉलेजों में छात्रों की संख्या 30 से भी कम रही. वहीं 2025 में 5 कॉलेज ऐसे थे जहां 20 से भी कम छात्र पढ़ रहे थे.
- अन्य आंकड़े: 14 कॉलेजों में 50 से कम और 24 कॉलेजों में 100 से कम छात्रों का नामांकन हुआ.
पहले भी दी जा चुकी थी छूट
प्रवेश की इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले शैक्षणिक सत्र (2024-25) में भी 64 सरकारी डिग्री कॉलेजों (जम्मू संभाग के 35 और कश्मीर क्षेत्र के 29) को CUET स्कोर से छूट दी थी. अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से हटाकर 12वीं के मेरिट सिस्टम पर लौटने का स्थायी फैसला लिया गया है.
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Source: IOCL


























