Omar Abdullah News: जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में एक अहम बयान देते हुए सीमावर्ती इलाकों की स्थिति, अमरनाथ यात्रा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि फिलहाल नियंत्रण रेखा (LoC) या अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कहीं से भी संघर्षविराम (सीजफायर) उल्लंघन की कोई खबर नहीं है. 

वहीं मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि सीमा पर हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और जैसे ही डैमेज असेसमेंट रिपोर्ट आएगी, राज्य सरकार मुआवज़ा पैकेज तैयार करेगी. इसके लिए जहां भी केंद्र सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी, राज्य सरकार केंद्र से सहायता की मांग करेगी.

संसद हमले और ऑपरेशन परिक्रमा के बाद भी गए थे डेलिगेशन- CMउमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि अतीत में संसद हमले और ऑपरेशन परिक्रमा जैसे बड़े घटनाक्रमों के बाद भारत ने कई देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे थे. अब एक बार फिर भारत सरकार 7 प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं का एक ऑल-पार्टी डेलीगेशन भेजने जा रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष मजबूती से रखेगा.

CM ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपनी स्थिति और पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की मौजूदा स्थिति को वैश्विक समुदाय के सामने स्पष्ट करना चाहिए.

CM ने पर्यटन की बिगड़ती स्थिति पर जताई चिंताइस बीच, उन्होंने कश्मीर में पर्यटन की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "गर्मी के इस मौसम में हमारे यहां बहुत ही कम पर्यटक आ रहे हैं. पर्यटन पूरी तरह से ठप सा हो गया है. हमारी प्राथमिकता फिलहाल अमरनाथ यात्रा पर है. हम चाहते हैं कि यह यात्रा शांतिपूर्वक और सुरक्षित ढंग से पूरी हो और सभी श्रद्धालु स्वस्थ और सुरक्षित रहें." उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और सुविधा दोनों में कोई कमी न हो, ताकि इस धार्मिक यात्रा को सुगम बनाया जा सके.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के हालिया बयान पर जब पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उमर अब्दुल्ला ने साफ कह दिया कि यह सवाल राज्य सरकार के दायरे में नहीं आता. उन्होंने कहा, “यह प्रश्न विदेश मंत्रालय से संबंधित है और केंद्र सरकार ही इस पर जवाब दे सकती है.”