जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने चुनाव आयोग, EVM, एग्जिट पोल और 'उर्दू भाषा विवाद' को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिया है. पंपोर में एक सरकारी आवास परिसर के उद्घाटन समारोह के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के संशोधन (SIR) पर गंभीर आरोप लगाए. साथ ही, उन्होंने महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती को भी सीधे तौर पर खुली चुनौती दे डाली.

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उमर अब्दुल्ला ने चुनावों में धांधली का एक नया थ्योरी पेश करते हुए कहा कि अब धांधली का तरीका बदल गया है. उन्होंने कहा, "मैं चुनाव से पहले EVM में धांधली होने की बात पर यकीन नहीं करता. आज वोटों की चोरी EVM के जरिए नहीं, बल्कि चुनाव आयोग और SIR (Special Intensive Revision) के जरिए हो रही है. जानबूझकर मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए जाते हैं." उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि चुनाव के बाद EVM की कड़ी निगरानी अब बेहद जरूरी हो गई है.

एग्जिट पोल पर कसा तंज- सोमवार को देखेंगे नतीजे

एग्जिट पोल के दावों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "आज तक कौन सा एग्जिट पोल सही साबित हुआ है? पांच साल पहले हर पोल ने बंगाल में BJP की पक्की जीत का दावा किया था, लेकिन नतीजे सबके सामने थे." उन्होंने बताया कि सोमवार को सिविल सेक्रेटेरिएट खुलने पर 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ-साथ वह चुनावी नतीजे भी देखेंगे, जहां एग्जिट पोल एक बार फिर औंधे मुंह गिरेंगे.

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महंगाई के लिए अमेरिका को दी नसीहत

देश में बढ़ रही कमर्शियल गैस और हवाई टिकटों की कीमतों पर उमर ने कहा कि अब सब कुछ महंगा होगा. उन्होंने इसके लिए वैश्विक हालात को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "अमेरिका को समझदारी से काम लेना चाहिए और युद्ध रुकना चाहिए, तभी कीमतें नीचे आएंगी."

उर्दू विवाद- PDP और इल्तिजा मुफ्ती को दी खुली चुनौती

जम्मू-कश्मीर में उर्दू भाषा की अनिवार्यता हटाने को लेकर चल रहे विवाद पर उमर अब्दुल्ला ने PDP और इल्तिजा मुफ्ती पर करारा प्रहार किया. उन्होंने इसे महज एक 'ध्यान भटकाने की चाल' करार दिया.

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "मैं इल्तिजा मुफ्ती को चुनौती देता हूं कि वह मुझे उर्दू भाषा को हटाने से जुड़ा कोई भी आदेश दिखाएं. वह एक पढ़ी-लिखी महिला हैं और जानती हैं कि जनता की राय मांगने और भाषा हटाने में क्या अंतर होता है. लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाना बंद करें."

उमर ने आरोप लगाया कि PDP यह सब इसलिए कर रही है ताकि 2025 के राज्यसभा चुनावों को लेकर RTI से उजागर हुई 'BJP और PDP की मिलीभगत' से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके. फाइल अभी भी उनकी मेज पर है और उस पर कोई दस्तखत नहीं हुए हैं.

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