समूचे उत्तर भारत की तरह जम्मू में भी आसमान से आग बरस रही है. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जम्मू शहर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं कठुआ जिले में तापमान 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया है. इस झुलसाती गर्मी का सीधा असर अब श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है.

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देशभर से माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालुओं को इस भीषण गर्मी के कारण अपनी यात्रा के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ रहा है. पटना और उत्तर प्रदेश से आए कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे जैसे ही जम्मू रेलवे स्टेशन पर उतरे, उन्हें लू के गर्म थपेड़ों ने बेहाल कर दिया.

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जानलेवा गर्मी को देखते हुए बदल दिया प्लान

यात्रियों के अनुसार, पहले उनका प्लान था कि कटरा पहुंचकर थोड़ी देर विश्राम करने के बाद दोपहर में ही माता के भवन के लिए पैदल चढ़ाई शुरू कर देंगे. लेकिन, इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए उन्होंने अपना प्लान बदल दिया है. अब वे धूप और लू से बचने के लिए दोपहर की बजाय देर शाम या रात के समय ही अपनी चढ़ाई शुरू कर रहे हैं.

डिहाइड्रेशन और लू लगने का सता रहा डर

श्रद्धालुओं का कहना है कि दिन की तेज धूप और भीषण गर्मी में 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करने के गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं. यात्रियों ने बताया कि इस मौसम में दिन में यात्रा करने से शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है. इसके अलावा, लू लगने और चक्कर आने का भी खतरा बना रहता है.

स्वास्थ्य संबंधी इन्हीं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए अब ज्यादातर श्रद्धालु दिन के समय कटरा के होटलों या बेस कैंप में ही विश्राम कर रहे हैं और मौसम थोड़ा ठंडा होने के बाद ही भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं.

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