ऑपरेशन पिंपल के तहत पाकिस्तान की नापाक साजिश हुई नाकाम, कुपवाड़ा में 2 आतंकवादी ढेर
Operation Pimple: कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी. दो आतंकवादी मारे गए और तीन की तलाश जारी है। सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज किया है.

कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक बार फिर पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. 8 नवंबर को सेना के अधिकारियों ने बताया कि लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के केरन सेक्टर में 7 नवंबर को देर रात आतंकवादियों के एक ग्रुप ने अंधेरे का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया. 3 अन्य घुसपैठिए या तो पाकिस्तान की ओर लौट गए या इलाके में छिपे हो सकते हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.
खुफिया इनपुट पर पहले से थी तैयारी
सेना ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से मिली खास सूचना के बाद पहले ही एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था. इस ऑपरेशन के दौरान केरन सेक्टर के पिंपल पोस्ट इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद जवानों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. आतंकवादियों ने जवानों को चुनौती देने पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में भारतीय सैनिकों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया. चिनार कोर- भारतीय सेना ने X पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है. इलाके में तलाशी जारी है.”
केरन सेक्टर में जारी सर्च ऑपरेशन
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि अभी ऑपरेशन जारी है और इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई है. आशंका जताई जा रही है कि मारे गए आतंकवादियों के तीन साथी या तो पाकिस्तानी इलाके में भाग निकले या अब भी जंगल में छिपे हैं. सेना के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई ने पाकिस्तान की एक बड़ी घुसपैठ साजिश को नाकाम कर दिया.
आतंकियों की पहचान की जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन से संबंध की जांच की जा रही है. अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि वे किस आतंकी संगठन से जुड़े थे. चिनार कोर ने पहले ही X पर कहा था कि, “7 नवंबर 2025 को एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर केरन सेक्टर में जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया था. संदिग्ध गतिविधि देखते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू की, जिसके बाद संपर्क स्थापित हुआ और ऑपरेशन जारी है.” सेना का कहना है कि यह घुसपैठ रोकने की कार्रवाई न सिर्फ नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा की सफलता है, बल्कि पाकिस्तान की लगातार नाकाम हो रही साजिशों का भी सबूत है.
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Source: IOCL























