अनंतनाग: आर्टिकल 370 के जश्न में लगे महिला विरोधी नारे? बढ़ी BJP की मुश्किल
Anantnag News: अनंतनाग में अनुच्छेद 370 को हटाने के जश्न के दौरान लगाए गए नारों से बीजेपी एक बड़े राजनीतिक विवाद में घिर गई है. बीजेपी पर कश्मीर की महिलाओं का अपमान करने के आरोप लगे हैं.

अनंतनाग में अनुच्छेद 370 को हटाने के जश्न के दौरान लगाए गए नारों से जम्मू कश्मीर में बीजेपी की इकाई एक बड़े राजनीतिक विवाद में घिर गई है. बीजेपी पर इन नारों के दौरान कश्मीर की महिलाओं का अपमान करने के आरोप लगे हैं.
यह विवाद जम्मू-कश्मीर में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने की सालगिरह पर अनंतनाग जिले में आयोजित जश्न के दौरान लगाए गए अपमानजनक नारों से जुड़ा है.
किस नारे को लेकर है विवाद?
दरअसल, स्थानीय BJP नेता सूफी यूसुफ और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने 'मोकलयोव अजी हुंद ते फजी हुंद इज्जत', जिसका मतलब है 'अजेह और फजी (कश्मीर में महिलाओं के आम घरेलू नाम) की इज्जत अब चली गई है.'
इस नारे ने इसलिए ध्यान खींचा क्योंकि यह 2019 से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े एक नारे के बिल्कुल उलट था, 'अजेह हुंद यजात, फजी हुंद यजात, 370, 370,' जिसका मतलब था 'अनुच्छेद 370 आम कश्मीरी महिलाओं की भी इज्जत है.' कश्मीरी भाषा में, 'अजी' और 'फजी' पारंपरिक और बोलचाल के शब्द हैं, जिनका इस्तेमाल प्यार से आम कश्मीरी माताओं और महिलाओं के लिए किया जाता है.
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस कार्यक्रम में BJP के वरिष्ठ नेता सूफी यूसुफ और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने को जम्मू-कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया. 'अजेह हुंद यजख' (या अजी हुंद फजी हुंद) विवाद तब शुरू हुआ जब इंटरनेट यूजर्स और राजनीतिक नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया. अनंतनाग में BJP कार्यकर्ताओं का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें लोगों ने इसे भड़काऊ और अपमानजनक बताया और कहा कि यह स्थानीय महिलाओं की इज्जत पर हमला है. इस नारे की कड़ी आलोचना हुई क्योंकि इसे पारंपरिक कश्मीरी राजनीतिक नारों का मजाक उड़ाने और स्थानीय महिलाओं की गरिमा को कम करने वाला माना गया.
सियासी बयानबाजी तेज
इस नारे का शाब्दिक अनुवाद है 'अजी और फजी की इज्जत का नुकसान हो गया है'. हालांकि, सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने इसे स्थानीय कश्मीरी महिलाओं की गरिमा के खिलाफ एक बहुत ही अपमानजनक, लिंग-आधारित और नीचा दिखाने वाली टिप्पणी के तौर पर देखा.
नेशनल कॉन्फ्रेंस की नेता सकीना इटू समेत कई प्रमुख स्थानीय नेताओं ने इन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की और माफी की मांग की है. सकीना इटू ने एक्स पर लिखा, 'Azzi hund te Fazzi hund Izzat…, BJP की अनंतनाग यूनिट की तरफ से लगाए गए ये गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक नारे न सिर्फ राजनीतिक बातचीत का, बल्कि हमारी कश्मीरी माताओं और बहनों की गरिमा का भी अपमान हैं. इसमें शामिल BJP यूनिट को इन शर्मनाक टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.'
“Azzi hund te Fazzi hund Izzat…”, the irresponsible and derogatory slogans raised by the BJP Anantnag unit are an insult not only to political discourse but to the dignity of our Kashmiri mothers and sisters. The involved BJP unit must issue an unconditional apology for these…
— Sakina Itoo (@sakinaitoo) August 6, 2026
बीजेपी ने मांगी माफी
जनता के भारी दबाव के बाद, बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने इस विरोध पर सार्वजनिक रूप से बात की और माफी मांगी. उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है और उन्होंने पार्टी को उस मार्च और नारों से अलग कर लिया.
ठाकुर ने लिखा, 'रैली के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर लगाए गए आपत्तिजनक नारों को एक संगठन के तौर पर बीजेपी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. कुछ लोगों ने अपनी निजी सोच या भावनाओं के आधार पर नारे लगाए होंगे, लेकिन वो नारे BJP के आधिकारिक रुख या रैली का नेतृत्व करने वाले नेताओं के विचारों को नहीं दिखाते हैं. पार्टी किसी के भी खिलाफ किसी भी अपमानजनक या निंदनीय टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है.'
FIR दर्ज करने की मांग
जम्मू कश्मीर की मंत्री सकीना इटू ने इन नारों को लेकर FIR दर्ज करने और कश्मीरी महिलाओं के सम्मान पर हमला करने वाले बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने लिखा, 'अगर बीजेपी सच में मानती है कि इसमें शामिल लोगों का व्यवहार गलत था, तो उसे केवल दिखावटी बयानों से आगे बढ़ना होगा. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और उचित कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.' उन्होंने आगे लिखा कि जवाबदेही चुनिंदा नहीं हो सकती, और महिलाओं की गरिमा का सम्मान सिर्फ़ बातों से नहीं, बल्कि कार्रवाई से बनाए रखा जाना चाहिए.'
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