जम्मू कश्मीर में शराब की दुकानों पर सियासी रार, इल्तिजा मुफ्ती बोलीं- 'CM उमर का लॉजिक समझ से परे'
Jammu & Kashmir News In Hindi: इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर सीएम के रुख की आलोचना की. उन्होंने गुजरात और बिहार का उदाहरण देते हुए सरकार पर धार्मिक भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया.

इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का शराब की दुकानों पर रोक लगाने से इनकार करना तर्कहीन लगता है.
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री का कहना है कि हिंदू धर्म में शराब पीने पर रोक नहीं है. इसलिए हिंदुओं पर प्रतिबंध थोपना गलत होगा.
JK CMs expected U-Turn on the refusal to prohibit liquor shops lacks logic. He claims it’s wrong to impose a ban on Hindus consuming alcohol since their religion doesn’t forbid it. If this is the case how have Hindu majority states like Gujarat & Bihar banned alcohol successfully…
— Iltija Mufti (@IltijaMufti_) May 11, 2026
अपनी धर्मनिरपेक्ष पहचान के लिए जाना जाताहै जम्मू-कश्मीर- मुफ्ती
इल्तिजा मुफ्ती ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यही तर्क सही है, तो फिर गुजरात और बिहार जैसे हिंदू बहुल राज्यों में शराबबंदी कैसे सफलतापूर्वक लागू है. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में बिना किसी बड़े विरोध के शराब पर प्रतिबंध लागू किया गया और वहां की सरकारें इसे प्रभावी ढंग से चला रही हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अपनी धर्मनिरपेक्ष पहचान और सामाजिक सौहार्द के लिए जाना जाता है. लेकिन ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील दिखाई देता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राज्य की बहुसंख्यक आबादी की धार्मिक भावनाओं और संवेदनशीलताओं को नजरअंदाज किया है.
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इस मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से करना चाहिए विचार- मुफ्ती
इल्तिजा मुफ्ती ने आगे कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. उनके इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में शराबबंदी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इल्तिजा मुफ्ती के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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