हजरतबल दरगाह पर जारी है बवाल! महबूबा मुफ्ती बोलीं, 'मुस्लिम भावनाएं आहत करने के लिए...'
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ को लेकर विवाद के बीच वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ को नुकसान पहुंचाने के मामले में सियासी हंगामा जारी है. इस बीच पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी के खिलाफ एफआईआर की मांग की है.
मुफ्ती ने कहा, ''निगीन पुलिस स्टेशन में वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से मना किए जाने के बाद अब पीडीपी हजरतबल पुलिस स्टेशन का रुख करेगी. मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस से आग्रह करता हूं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करें, क्योंकि यह मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने और उन्हें उकसाने का प्रयास है.''
शुक्रवार को शुरू हुआ था विवाद
शुक्रवार (5 सितंबर) को हजरतबल दरगाह में अशोक चिह्न वाली पट्टिका के साथ तोड़फोड़ के बाद कश्मीर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया. पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और सीपीआई (एम) ने दरख्शां अंद्राबी पर मस्जिद में राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग करके धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया और आपराधिक मामला दर्ज करने और उन्हें तुरंत हटाने की मांग की.
उमर अब्दुल्ला ने की थी माफी की मांग
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि वक्फ बोर्ड को गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक सरकारी कार्यों के लिए होता है, धार्मिक संस्थानों के लिए नहीं.
पट्टिका गुरुवार को हजरतबल दरगाह के अंदर रखी गई. इससे श्रद्धालुओं में रोष फैल गया. उनका कहना था कि मस्जिद के अंदर कोई भी आकृति या प्रतीक रखना इस्लामी सिद्धांत के खिलाफ है.
50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हजरतबल दरगाह में अशोक चिह्न वाली पट्टिका को तोड़ने के मामले में पुलिस ने 50 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार की नमाज़ के बाद हुई घटना के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसके बाद इन लोगों को हिरासत में लिया गया.
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Source: IOCL
























