भारी बारिश और बाढ़ की खबरों के बीच वार्षिक गंगबल यात्रा आज जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ प्रारंभ हुई. ऐतिहासिक नारानाग मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद तीर्थयात्रियों का जत्था पवित्र गंगबल झील के लिए रवाना हुआ. यह यात्रा हरमुख पर्वत श्रृंखला में समुद्र तल से लगभग 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित झील तक जाती है.

यात्रा को औपचारिक रूप से डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग ने नारानाग मंदिर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर गांदरबल के उपायुक्त जतिन किशोर, एसएसपी खलील पोसवाल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.

कश्मीरी पंडितों के लिए आध्यात्मिक महत्व

सुबह-सुबह श्रद्धेय छड़ी पूजा के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के तीर्थयात्रियों का जत्था यात्रा पर निकला. लगभग 15 किलोमीटर लंबी यह पैदल यात्रा बुचरी और ट्रंखाल मार्ग से होकर गंगबल झील तक पहुंचती है. यह स्थान पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, जहां भक्त अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा करते हैं.

सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था

भक्तों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें यात्रा मार्ग पर तैनात हैं. राहत शिविर, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और भोजन की व्यवस्था भी की गई है. डिवीजनल कमिश्नर ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और सभी हितधारकों को धन्यवाद दिया.

श्रद्धालुओं ने प्रशासन का किया आभार

आयोजकों और तीर्थयात्रियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय समुदाय के सहयोग की सराहना की, जिसने कठिन मौसम के बावजूद यात्रा की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की.