Farooq Abdullah On Jammu Kashmir Statehood: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला भी लगातार स्टेटहुड की मांग करते रहे हैं. इसी बीच उन्होंने एक बार फिर इसे लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या हमलोग हिंदुस्तान के दुश्मन थे, स्टेटहुड लेने की क्या वजह थी?

अनंतनाग में मीडिया ने जब उनसे पूछा कि आपने कहा कि स्टेटहुड इसलिए लिया गया क्योंकि हम मुसलमान स्टेट थे, इस पर फारूक अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''स्टेटहुड लेने की क्या वजह थी? क्या हमलोग हिंदुस्तान के दुश्मन हैं? हमने मुल्क के साथ हाथ जोड़ा, जबकि पाकिस्तान हमारे सामने खड़ा था.''

ज्यादा देरी हुई तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे- फारूक अब्दुल्ला

इससे पहले 21 जून को भी फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि अगर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में ज्यादा देरी हुई, तो उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. उन्होंने कहा था, ''हम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अगर केंद्र सरकार लंबा समय लेगी, तो हमारे पास सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. उम्मीद है कि जब राज्य का दर्जा बहाल होगा तो हमें सभी अधिकार मिलेंगे.''

इजराइल-ईरान सीजफायर पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?

इजराइल-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर भी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि ये अच्छी बात है और इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया करता हूं. उन्होंने सोमवार (23 जून) को भी इसे लेकर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि अरब देशों के तेल और गैस पर इजरायल और अमेरिका की नजर है और उनका अगला निशाना वही होंगे. 

उन्होंने कहा, ''आज वे सोचते हैं कि ईरान पर हमला हुआ है, लेकिन मैं आपके माध्यम से उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि एक दिन इजराइल उन पर भी हमला करेगा, क्योंकि वे तेल और गैस जैसी उनकी संपत्ति चाहते हैं. इजराइल केवल एक मुखौटा है, अमेरिका उसके ठीक पीछे खड़ा है.'' पश्चिम एशिया में युद्ध के विकराल रूप लेने के असर के बारे में पूछे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सभी देशों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा.