Farooq Abdullah on Israel Iran War: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की एयर स्ट्राइक को लेकर बड़ा बयान दिया है. फारूक अब्दुल्ला ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर कहा , "अगर उन्हें लगता है कि ईरान हथियार छोड़ देगा, तो वे गलतफहमी में हैं. ईरान करबला को याद रखता है और यह समझता है कि यह दूसरा करबला है. वे अपनी गर्दनें कटवा देंगे, लेकिन गर्दनें झुकाएंगे नहीं."

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा, "वे वहां (ईरान में) एक शासन परिवर्तन चाहते हैं. क्या शासन परिवर्तन के बाद चीजें बेहतर होंगी? अमेरिका और इजरायल का लंबे समय से यह मानना ​​है कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि ईरान अपनी महत्वाकांक्षा को छोड़ देगा, तो वे गलतफहमी में हैं."

'मुस्लिम देशों की चुप्पी से निराश हूं'फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इजरायल पर हमला हुआ, लेकिन दुनिया के सभी मुस्लिम देशों ने चुप्पी साध रखी है. वह चुपचाप बैठे तमाशा देख रहे हैं. इस बात से निराश हूं. आज ईरान की ऐसी हालत हो रही है, कल बाकी देशों की हो सकती है. अमेरिका किसी भी देश को तबाह कर सकता है. अगर आज मुस्लिम देश जागे नहीं तो अपनी बारी का इंतजार करें. 

'डोनाल्ड ट्रंप तीसरा विश्व युद्ध करवाना चाहते हैं'- फारूक अब्दुल्लाडोनाल्ड ट्रंप को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान-इजरायल युद्ध में दिलचस्पी ले रहे हैं. जिससे उम्मीद कर सकते थे कि दखल देकर युद्ध रुकवाएगा, वह खुद ही हमले कर रहा है. यह अमेरिका की दूसरी जंग है. वह पहले ही रूस से लड़ रहा है. इसका मतलब अमेरिकी तीसरे विश्व युद्ध की ओर जा रहा है. 

एनसी प्रमुख से जब यह सवाल किया गया कि भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि तेल सबके यहां उन्हीं के यहां से आता है. जब वह बंद हो जाएगा तो हमारी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान झेलना पड़ेगा. यह बात मत भूलिए- हमारे पास बहुत पैसा है. पैसा हर वक्त नहीं रहता.

'डोनाल्ड ट्रंप पता नहीं क्या खेल रहे हैं'फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "क्या पता अब क्या होगा? कुछ कह नहीं सकते. ट्रंप ने अभी पाकिस्तान के फील्ड मार्शन आसिम मुनीर को खाने पर बुलाया था. उन्हें परेड में मेहमान बनाया था. मुझे नहीं पता वह कौन से खेल खेल रहे हैं. एक तरफ से हिन्दुस्तान को भी हाथ में रखा है, दूसरी तरफ से पाकिस्तान को भी. क्या पता वह क्या करना चाहता है?"