नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली है. शुक्रवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में इस मामले की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में हमले की साजिश और आरोपी को लेकर कई अहम खुलासे किए गए हैं.

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चार्जशीट और पुलिस की जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 11 मार्च, 2026 की है. डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे. रात करीब 10:10 बजे जब वह समारोह से वापस लौट रहे थे, तभी वहां मौजूद 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह जमवाल ने अपनी रिवॉल्वर निकाल ली और पूर्व मुख्यमंत्री पर बहुत करीब से गोली चलाने की कोशिश की.

आरोपी कमल सिंह जमवाल, पुरानी मंडी का रहने वाला है और उसके पिता का नाम अजीत सिंह जमवाल है. गनीमत रही कि डॉ. फारूक की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया और एक बड़ी घटना होने से टल गई.

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हमले की जांच के लिए बनी थी 7 सदस्यीय SIT

पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में हुई इस बड़ी सेंध और जानलेवा हमले की गंभीरता को देखते हुए, 14 मार्च को जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) भीम सेन टूटी ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था. इस 7 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डीआईजी (DIG), जम्मू-सांबा-कठुआ (JSK) रेंज की देखरेख में किया गया. इस टीम का मुख्य उद्देश्य हमले के पीछे की गहरी साजिश और हत्या की नाकाम कोशिश की सभी पहलुओं से जांच करना था.

इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला

इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद पुलिस स्टेशन गंग्याल, जम्मू में आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने FIR नंबर 29/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) की धारा 3/25 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसकी चार्जशीट अब अदालत के सुपुर्द कर दी गई है.

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