जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर हुए हमले पर सियासत जारी है. इसे लेकर विधानसभा में जोरदार बहस हुई. नेशनल कांफ्रेंस के विधायक सलमान सागर ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी विस्तृत जानकारी सदन को दी जानी चाहिए. साथ ही हाई कोर्ट के जज से निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई है.
साजिश और सुरक्षा पर उठे सवाल
सलमान सागर ने कहा कि यह हमला किसी साजिश के तहत हुआ प्रतीत होता है, जिसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके के एसपी, थानेदार या चौकी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इस तरह की चूक से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए और सच्चाई सामने लाई जाए.
बीजेपी ने भी उठाए सुरक्षा चूक के मुद्दे
इस घटना को लेकर बीजेपी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. पार्टी नेताओं ने कहा कि ये सिक्योरिटी लैप्स का मामला है, एक जेड प्लस (Z Plus) सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना होना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने पूछा कि आखिर यह कैसे हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है. बीजेपी ने स्पष्ट कहा कि इस मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और निष्पक्ष जांच जरूरी है.
क्या हुआ था उस दिन?
दरअसल 11 मार्च को फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर उनके बेहद करीब पहुंच गया. उसने कुछ राउंड फायरिंग भी की, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ. इस घटना के बाद से ही सुरक्षा व्यवस्था और संभावित साजिश को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं.
