Kashmiri Pandit: कांग्रेस ने बुधवार को कश्मीरी पंडितों का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए उनके लिए रिहैबिलिटेशन और सुरक्षा की मांग की. मध्य प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, ''पुराना दर्द है जो दूर नहीं हो रहा है. 90s के बाद करीब 90% कश्मीरी पंडित परिवारों को कश्मीर छोड़ना पड़ा था.''

उन्होंने कहा, ''कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर जाना चाहते हैं, वहां रहना चाहते हैं, लेकिन उनके रिहैबिलिटेशन और सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया जा रहा. सब बोलते जरूर हैं, लेकिन हो कुछ नहीं रहा है.''

मनमोहन सिंह सरकार ने कश्मीरी पंडितों को री-सेटल किया- कांग्रेस सांसद

कांग्रेस सांसद ने कहा, ''कश्मीरी पंडितों को एक ही वक्त एहसास हुआ था कि उनके लिए कुछ किया जा रहा है, जब मनमोहन सिंह जी ने कश्मीरी पंडितों को वहां री-सेटल किया था, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ. आप किसी भी कश्मीरी से पूछ लीजिए, हमने फिल्म नहीं बनाई, हमलोगों ने काम किया.''

शारदा पीठ पर क्या है मांग?

उन्होंने कहा कि हम शारदा पीठ का कॉरिडोर भी चाहते हैं, जो कि LoC की दूसरी तरफ स्थित है. पाकिस्तान से बात करके पंडितों की भक्ति के लिए उन्हें बनाया जाए. आपने करतारपुर बनाया, ये भी बनाया जाए. 75 साल से शारदा पीठ बंद है. थोड़ा ध्यान कश्मीरी पंडितों पर दीजिए. कश्मीरी पंडितों की आस्था है- लेकिन लोग वहां जा नहीं सकते. इसलिए मेरा निवेदन है कि कश्मीरी पंडितों के साथ न्याय हो, उनके लिए काम हो.

कहां है शारदा पीठ?

18 महाशक्तिपीठों में से एक शारदा पीठ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर नीलम घाटी में स्थित है.

कश्मीरी पंडितों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग चलती रही है. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ना पड़ा.

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