जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चत्रू इलाके में शनिवार (1 अगस्त 2026) बादल फटने (Cloud Burst In Kishtwar) की घटना सामने आई है, बादल फटने से पानी और मलबे का अचानक बहाव शुरू हो गया. बादल फटने की घटना से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों में दहशत फैल गई. फिलहाल, बचाव दल ने राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है.
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना भारी बारिश के बीच तड़के करीब 2:30 बजे हुई. कई घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है. घटना के तुरंत बाद चत्रू के SHO, पुलिस और सिविल प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. नुकसान का आकलन किया जा रहा है, साथ ही बहाली और राहत कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं.
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मौसम विभाग ने पूर्व में ही दी चेतावनी
यह घटना जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश के दौर के बीच हुई है. मौसम विभाग ने पहले ही जम्मू डिवीजन और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया था और संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, मडस्लाइड और जलभराव की चेतावनी दी थी.
इसी तरह की एक घटना में, दक्षिण कश्मीर के शोपियां के पहलपोरा इलाके में भी शनिवार तड़के भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया, क्योंकि गांव के कई घरों में बारिश का पानी घुस गया. जिले के पहलपोरा इलाके में बादल फटने के बाद SDRF और शोपियां पुलिस ने शनिवार को तेजी से बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया.
कई घरों और स्कूल में भरा मलबा
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण बादल फटने से पानी और कीचड़ का तेज़ बहाव हुआ, जिससे इलाके के पांच घरों और एक स्कूल की इमारत में पानी भर गया. SDRF की टीमें स्थानीय पुलिस के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. नुकसान का आकलन और राहत कार्य जारी हैं, साथ ही अधिकारी लगातार बारिश के बीच संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र में 5 अगस्त तक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र में 5 अगस्त तक और बारिश का अनुमान जताया है, जिसमें कुछ इलाकों में भारी बारिश से अचानक बाढ़ और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है. अधिकारियों ने निचले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और मौसम ठीक होने तक नदियों, नालों और अस्थिर ढलानों के पास न जाने की अपील की है. साथ ही, चत्रू में भी स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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