जम्मूु-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा कब? सीएम उमर की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बीच BJP सांसद ने किया बड़ा दावा
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर बड़ा दावा किया है.

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों दिल्ली के दौरे पर हैं. यहां गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात प्रस्तावित है. इस मुलाकात से पहले भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतपाल शर्मा ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के संदर्भ में बयान दिया है.
BJP सांसद सतपाल शर्मा ने कहा कि, 'मुख्यमंत्री जब चाहें, मिल सकते हैं. वे मुख्यमंत्री हैं - जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री होना बहुत बड़ी बात है. किसी मुख्यमंत्री का गृह मंत्री या प्रधानमंत्री से मिलना कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन हर बार, इन मुलाकातों के ज़रिए राज्य का दर्जा दिए जाने का मुद्दा उठाया जाता है. आज, मौजूदा हालात में जिस चीज़ की ज़रूरत है, वह है विकास. विकास के मामले में लापरवाही हो रही है.'
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उचित समय पर जम्मू और कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा. वह उचित समय आने तो दें. सांसद ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि पूर्ण राज्य का दर्जा मिले लेकिन उचित समय का इंतजार तो करें.
पीएम और गृह मंत्री ने कभी इसके लिए न नहीं किया है. लेकिन ये हर बार जाते हैं और यही मुद्दा उठाते हैं. 4 और एजेंडा जोड़ देते हैं. सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार आने के बाद चुनाव के वक्त घोषणापत्र में जो वादे किए गए थे, वो पूरे नहीं हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली जाकर सीएम फंड्स मांगते हैं. जितने फंड्स हमें मिल रहे हैं वह जम्मू और कश्मीर के लिए पर्याप्त हैं.
मौजूदा प्रशासनिक संरचना को ‘शासन का सबसे खराब रूप- उमर
बता दें बीत दिनों जम्मू-कश्मीर की मौजूदा प्रशासनिक संरचना को ‘शासन का सबसे खराब रूप’ बताते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल किए जाने पर जोर दिया था. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कामकाज के नियमों को लेकर केंद्र के साथ मतभेदों को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. मुख्यमंत्री ने जम्मू और श्रीनगर के बीच राजनीतिक दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे कथित निहित स्वार्थों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ‘वे असफल रहे हैं और असफल होते रहेंगे.’

























