जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के कई गांवों में तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ आए जबरदस्त तूफान के कारण सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है. ये सालाना फसलें कुछ हफ्तों में कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन उससे पहले ही सेब से लदी इनकी टहनियां टूटकर गिर गईं हैं.
यह तूफान गुरुवार दोपहर में आया. इस दौरान शोपियां जिले के कई गांवों में तेज हवाओं के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब के बागों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अभी तक नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.
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कौन से इलाके सबसे अधिक प्रभावित?
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में डांगम, वांगम, कछडोरा, कापरिन, हंजीपोरा, बरारीपोरा, रखामा और जैपोरा शामिल हैं, जिनमें से कछडोरा बेल्ट पर सबसे बुरा असर पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज हवाओं और भारी बारिश वाला यह तूफान लगभग 10-20 मिनट तक चला. ओलावृष्टि से सेब की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. शुरुआती स्थानीय अनुमानों के अनुसार, कुछ इलाकों में लगभग 60 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है.
हालांकि, नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी नहीं किया गया है, क्योंकि जिला प्रशासन ने नुकसान की कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है. बागवानी विभाग ने भी अब तक नुकसान के बारे में कोई आधिकारिक आकलन जारी नहीं किया है.
IMD ने जारी की चेतावनी
बता दें कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 7 और 8 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में कई इलाकों हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ ही कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई है. मौसम विभाग ने बदलते मौसम और बारिश को देखते हुए चेतावनी जारी की है. विभाग का अनुमान है कि इस दौरान मूसलाधार बारिश और तेज बौछारों से संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
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