अमरनाथ यात्रा 6 दिन के बाद शनिवार (25 जुलाई) को फिर से बहाल हो गई है. बालटाल रूट से यह यात्रा बहाल हुई है. कश्मीर के डिविजनल एडमिनिस्ट्रेशन ने घोषणा की है कि अमरनाथ यात्रा सिर्फ बालटाल रूट से ही होगी. भारी बारिश की वजह से रास्ते को हुए नुकसान के कारण पहलगाम रूट से यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी.

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कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने घोषणा करते हुए कहा, "हाल की बारिश के बाद मरम्मत और रखरखाव के काम की जरूरत को देखते हुए, श्री अमरनाथ जी यात्रा बालटाल रूट से जारी रहेगी, जबकि पहलगाम रूट तीर्थयात्रियों के लिए कुछ समय के लिए बंद रहेगा."

मरम्मत के काम की वजह से पहलगाम रूट अभी बंद

डिविजनल कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल की बारिश के कारण पहलगाम रूट पर तुरंत मरम्मत और बहाली के काम की जरूरत पड़ गई है. यात्रा को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए, बालटाल रूट पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.'' 

बालटाल रूट पर तीर्थयात्रियों के लिए किए गए बेहतर इंतजाम

डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा, "यात्रा बालटाल रूट से जारी रहेगी, जिसके लिए सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं." उन्होंने ये भी बताया कि इस साल की यात्रा के दौरान अबतक 3.95 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं, जो तीर्थयात्रा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को दर्शाता है.

19 जुलाई को स्थगित कर दी गई थी अमरनाथ यात्रा

बता दें कि अनंतनाग जिले के करीब 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम रूट और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रूट पर लगातार बारिश और खराब मौसम की वजह से यात्रा 19 जुलाई को एहतियातन स्थगित कर दी गई थी. ये दोनों रूट 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध गुफा मंदिर तक जाते हैं. 

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