3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसी को लेकर जम्मू स्थित श्री अमरनाथ यात्रा निवास को पूरी तरह सुरक्षा बलों के नियंत्रण में ले लिया गया है. अब यहां आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और पूरे परिसर को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है.

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यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा. यह जत्था 3 जुलाई को पहलगाम और बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा की ओर आगे बढ़ेगा. ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहतीं.

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CRPF कमांडो से लेकर पुलिस तक संभाल रही मोर्चा

अमरनाथ यात्रा निवास के चारों ओर CRPF के जवानों की तैनाती कर दी गई है. परिसर की छतों पर भी CRPF के कमांडो तैनात किए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस और उसकी सुरक्षा शाखा ने भी बेस कैंप की जिम्मेदारी संभाल ली है.सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी वजह से बेस कैंप को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है.

यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने बेस कैंप में कई मॉक ड्रिल कीं. इन अभ्यासों के दौरान अलग-अलग तरह की आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की गई.

मॉक ड्रिल पूरी होने के बाद अब बेस कैंप को पूरी तरह सील कर दिया गया है. सुरक्षा बलों के अलावा किसी भी व्यक्ति के अंदर जाने की अनुमति नहीं है. वहीं बेस कैंप की ओर जाने वाली सड़क पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यहां पुलिस और सीआरपीएफ के जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं और अनधिकृत वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है.

आसपास रहने वालों का भी हो रहा सत्यापन

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बेस कैंप के आसपास रहने वाले लोगों का सत्यापन अभियान भी चलाया है. टेनेंट वेरिफिकेशन के तहत किरायेदारों और स्थानीय लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके.

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70 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती

इस बार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार भी पूरी तरह सक्रिय है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में करीब 70 हजार अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है. प्रशासन का कहना है कि बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, लगातार निगरानी और आधुनिक सुरक्षा इंतजामों के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का माहौल उपलब्ध कराया जाएगा.